देवली – जैन कनेक्ट संवाददाता | देवली स्थित पार्श्वनाथ धर्मशाला में स्मृति परिवर्तन 2025 चातुर्मास के अंतर्गत जैन मुनि विराग सागर महाराज के प्रथम समाधि दिवस का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से किया गया। इस अवसर पर मुनि प्रणीत सागर महाराज ससंघ की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक उन्नयन से भर दिया। आयोजन की हर एक विधि महाराज की स्मृतियों को समर्पित रही, जिसमें श्रद्धालुओं की भावनाएं स्पष्ट रूप से झलक रही थीं।
🖼️ चित्र अनावरण से हुई शुरुआत समाधि दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ मुनि विराग सागर महाराज की पावन स्मृति में उनके चित्र के अनावरण से हुआ।
🪔 दीप प्रज्वलन और पादप्रक्षालन महावीर प्रसाद जैन परिवार ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और मुनि की प्रतिमा का पादप्रक्षालन किया।
🎶 मंगलाचरण की प्रस्तुति श्रद्धालु अनुराधा जैन ने मधुर स्वर में मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
📿 संगीतमय पूजन श्रावकों द्वारा विराग सागर महाराज का संगीतमय पूजन कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की गई।
🎤 भजन के माध्यम से जीवनगाथा क्षुल्लक विधेय सागर ने भजन शैली में महाराज की प्रेरणादायक जीवनगाथा का भावपूर्ण वर्णन किया।
📆 प्रतिदिन जिनालय दर्शन मुनि प्रणीत सागर महाराज प्रतिदिन प्रातः 6 से 7 बजे तक क्षेत्र के सभी जिनालयों के दर्शन करेंगे।
📚 श्रुतशाला का आयोजन प्रत्येक सुबह 7:15 से 8 बजे तक श्रुतशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें धर्मशिक्षा प्रदान की जाएगी।
🧘♂️ सामयिक और आहारचर्या श्रावकों के लिए सामयिक साधना व आहारचर्या का क्रम निर्धारित किया गया है, जिससे अनुशासित दिनचर्या का पालन हो।
📖 शब्दागम की कक्षाएं प्रतिदिन शब्दागम की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे श्रद्धालु धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन कर सकें।
🕯️ महाआरती का आयोजन दिन का समापन सामूहिक महाआरती के साथ होगा, जिसमें सभी श्रद्धालु भाग लेंगे।
मुनि विराग सागर महाराज की स्मृति में मनाया गया यह प्रथम समाधि दिवस न केवल एक श्रद्धांजलि का अवसर था, बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने की प्रेरणा का केंद्र भी बना। मुनि प्रणीत सागर महाराज ससंघ की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की, जिससे श्रद्धालुओं में धर्म के प्रति आस्था और समर्पण और भी प्रगाढ़ हुआ।

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