लखनऊ- संवाददाता | लखनऊ में ‘विश्व नमोकार महामंत्र दिवस’ का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैन धर्म की महान परंपराओं और तीर्थंकरों की शिक्षाओं का स्मरण करते हुए समाज को साधना और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JITO) द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की प्रमुख बातें 👇
🏛️ पावन भूमि का गौरव : योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या और काशी जैसी पवित्र धरती जैन तीर्थंकरों की जन्मस्थली रही है।
🗣️ योगी का संबोधन : संगीत नाटक अकादमी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने नमोकार महामंत्र के महत्व को विस्तार से बताया।
🙏 तीर्थंकरों की साधना: उन्होंने कहा कि हमारे 24 तीर्थंकरों ने लोककल्याण और आत्मशुद्धि की प्रेरणा दी है, जो आज भी प्रासंगिक है।
🌍 वैश्विक आयोजन : पहली बार विश्व स्तर पर एक साथ ‘नमोकार महामंत्र दिवस’ मनाया गया, जिससे जैन धर्म की शिक्षाएं वैश्विक मंच पर पहुंचीं।
🧘 तीन प्रकार के दुःखों से मुक्ति: योगी ने कहा कि नमोकार महामंत्र भौतिक, दैवीय और आध्यात्मिक सभी दुःखों से छुटकारा दिलाता है।
🔄 जीवन में अपनाने की अपील : मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नागरिक को इस मंत्र को व्यवहारिक जीवन में उतारना चाहिए।
🕊️ शांति और सकारात्मकता का संदेश: योगी ने नमोकार महामंत्र को ऊर्जा, सकारात्मकता और विश्व शांति का स्रोत बताया।
📚 जैन धर्म की शिक्षाएं : उन्होंने कहा कि जैन धर्म की शिक्षाएं भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं और हर भारतीय को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
🎉 महावीर जयंती की शुभकामनाएं : कार्यक्रम के अंत में सीएम योगी ने सभी को भगवान महावीर जयंती की शुभकामनाएं दीं और जैन धर्म के उपदेशों को आत्मसात करने का आग्रह किया।
🎥 PM मोदी का संदेश : कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो संदेश भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें उन्होंने 9 जीवन संकल्प बताए।
इस कार्यक्रम ने जैन धर्म के शाश्वत मूल्यों और सिद्धांतों को एक नई पहचान दी है। मुख्यमंत्री योगी का संदेश आत्मकल्याण और समाज सुधार की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।

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