भागलपुर (बिहार) – जैन कनेक्ट संवाददाता | अमेरिका से आए युवाओं की एक विशेष टोली ने शुक्रवार को भगवान वासुपूज्य की पंचकल्याणक भूमि श्री चंपापुर दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र का भ्रमण किया। प्रतिनिधि मंडल ने तीर्थ स्थल की ऐतिहासिक गरिमा, धार्मिक महत्ता और आध्यात्मिक ऊर्जा को नजदीक से अनुभव किया। यह यात्रा न केवल आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत रही, बल्कि तकनीकी सशक्तिकरण के एक पहलू से भी जुड़ी रही, जिसमें युवाओं ने स्थानीय विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यशाला का संचालन किया।
🌄 चंपापुर तीर्थ स्थल का सजीव अनुभव अमेरिका से आए युवाओं ने चंपापुर सिद्ध क्षेत्र में भगवान वासुपूज्य के पंचकल्याणक स्थलों का दर्शन किया।
📜 धार्मिक इतिहास से अभिभूत प्रतिनिधि मंडल ने तीर्थ के ऐतिहासिक महत्व को सराहा और इसे आत्मिक जागृति का केंद्र बताया।
🙏 सिद्ध क्षेत्र मंत्री द्वारा स्वागत सुनील जैन ने प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए तीर्थ की महत्ता पर विस्तार से जानकारी दी।
🌍 विश्व स्तर पर बढ़ती पहचान प्रभा ने कहा – “यह तीर्थ विश्व में भारतीय अध्यात्म की पहचान को और सुदृढ़ करता है।”
🧘 शांति और आत्मिक अनुभव प्रतिनिधियों ने चंपापुर की ऊर्जा को गहन शांति और ध्यान का माध्यम बताया।
👩💻 तकनीकी कार्यशाला का आयोजन पंख लांचिंग कार्यक्रम के तहत युवाओं ने कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लिया।
💡 गूगल टूल्स की जानकारी गूगल ड्राइव, डॉक्स, शीट्स व प्रजेंटेशन आदि के बारे में युवाओं ने ग्रामीण प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया।
🎓 प्रशस्ति पत्रों का वितरण प्रशिक्षण कार्यशाला के अंत में प्रभा झा और अल्पा पटेल ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
🤝 सामाजिक सहभागिता का संदेश इस यात्रा ने यह संदेश दिया कि आध्यात्मिकता और तकनीक का संगम ग्रामीण विकास में सहायक हो सकता है।
🌱 धन्यवाद ज्ञापन और समापन कार्यक्रम का समापन समवेत की वर्षा ऋतु द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
यह यात्रा न केवल चंपापुर सिद्ध क्षेत्र की धार्मिक गरिमा को उजागर करती है, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक स्थलों की वैश्विक पहचान और ग्रामीण सशक्तिकरण के संदेश को भी मजबूत करती है। अमेरिका से आए युवा इस पवित्र स्थल की अनुभूति लेकर लौटे, जो उनके जीवन में स्थायी छाप छोड़ गई।

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