कोसीकलां–जैन कनेक्ट संवाददाता | जैन धर्म के बीसवें तीर्थंकर भगवान मुनि सुव्रतनाथ का ज्ञान कल्याणक दिवस कोसीकलां में बुधवार को भक्तिभाव एवं धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर पांडे वाले जैन मंदिर में विशेष पूजन, अभिषेक, शांतिधारा और आरती जैसे कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और जयकारों से वातावरण धर्ममय हो गया।
🔹 🪔 ज्ञान कल्याणक पर्व का उत्साह श्रद्धालुओं ने भगवान सुव्रतनाथ के ज्ञान कल्याणक पर्व को उत्साह और आस्था से मनाया, जिसमें धर्मिक उल्लास की झलक दिखाई दी।
🔹 💧 विशेष अभिषेक का आयोजन भगवान की प्रतिमा का अभिषेक जल, दूध और अन्य पवित्र द्रव्यों से विधिपूर्वक किया गया।
🔹 🕊️ शांतिधारा से सुख-शांति की कामना श्रद्धालुओं ने शांतिधारा के दौरान विश्व में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।
🔹 🌸 अष्ट द्रव्य से भव्य पूजा अष्ट द्रव्यों से पूजा कर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से ज्ञान कल्याणक श्लोकों का उच्चारण किया।
🔹 📣 जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर “जय मुनि सुव्रतनाथ” की गूंज से मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया।
🔹 🪔 आरती का दिव्य आयोजन देर शाम हुई मंगल आरती में दीप जलाकर प्रभु के चरणों में भक्ति भाव अर्पित किया गया।
🔹 📜 पुराणों के अनुसार जन्म विवरण पूर्व अध्यक्ष सुभाष चंद जैन ने बताया कि भगवान मुनि सुव्रतनाथ का जन्म राजगृह नगरी में हुआ था। भगवान के पिता सुमित्र और माता पद्मावती दोनों राजपरिवार से थे।
🔹 🤝 समूहिक भक्ति और संगठित आयोजन विमल जैन, विजय जैन, उर्मिला जैन, दिसा जैन, सपना जैन, सीमा जैन, निर्मला जैन सहित कई श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहयोग किया।
🔹 🙏 सामूहिक सहभागिता का आदर्श छोटे-बड़े सभी वर्गों की भागीदारी से समाज में एकता और धार्मिक चेतना का संदेश प्रसारित हुआ।
मुनि सुव्रतनाथ भगवान के ज्ञान कल्याणक पर्व ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा और धर्म के प्रति प्रेरणा दी। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मकता और धर्म के प्रति अनुराग बढ़ता है।

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