झालावाड़-जैन कनेक्ट संवाददाता | राजस्थान के झालावाड़ जिले की सोनिया जैन ने परंपरागत कृषि को नवाचार, सतत विकास और महिला सशक्तिकरण के मॉडल में परिवर्तित कर दिया है। एक प्रथम पीढ़ी की महिला कृषक और एग्रीप्रेन्योर के रूप में, उन्होंने 1 करोड़ रुपये तक की वार्षिक आय अर्जित करने वाला एक बहुआयामी और आत्मनिर्भर कृषि उद्यम खड़ा किया है। उनकी यात्रा केवल एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि देश के हजारों किसानों के लिए प्रेरणा है—विशेषतः महिलाओं के लिए।
🌾 खेती को बनाया सशक्त व्यवसाय सोनिया जैन ने परंपरागत खेती को उन्नत कृषि तकनीकों और उद्यमशीलता के साथ जोड़कर आत्मनिर्भर और लाभकारी बनाया।
📚 रूरल डेवेलपमेंट की पढ़ाई से मिली दिशा सोनिया ने ग्रामीण विकास में स्नातक और परास्नातक की शिक्षा प्राप्त कर कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान कल्याण को समझा।
👨🌾 परिवार की विरासत को दी नई जान शादी के बाद उन्होंने पारिवारिक कृषि को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया और नवाचारों के माध्यम से इसे एक सफल मॉडल में बदला।
💧 इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम से जल, भूमि और उत्पादकता का संतुलन सोनिया ने जल प्रबंधन, पोषण प्रबंधन और कीट नियंत्रण में समन्वित दृष्टिकोण अपनाकर कृषि की उत्पादकता बढ़ाई और पर्यावरण संतुलन बनाए रखा।
🌱 100+ फसलों की विविधता से खेती बनी बहुआयामी अनाज, दलहन, तिलहन, औषधीय पौधे, मसाले, सब्जियां और फल—सोनिया की खेती हर मौसम और बाजार के अनुरूप है।
🚜 आधुनिक यंत्रों से खेतों में दक्षता ट्रैक्टर, प्लाऊ, सीड ड्रिल, स्प्रेयर, नेट हाउस और पॉलीहाउस जैसे उपकरणों से उनकी खेती बड़े पैमाने पर सुव्यवस्थित रूप से चलती है।
🥛 डेयरी व एग्रो प्रोसेसिंग से हुआ मूल्यवर्धन ‘अवनि एग्री एंड डेयरी प्रोडक्ट्स’ के तहत वे दूध उत्पाद तैयार कर सीधे बाजार में बेचती हैं, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिलता है।
🎯 ‘द लेडी फार्मर’ ब्रांड से बाजार में अलग पहचान सोनिया का ब्रांड किसानों के उत्पादों को बाजार में विश्वसनीयता और ब्रांड वैल्यू के साथ प्रस्तुत करता है।
🤝 महिलाओं और युवाओं को दे रहीं रोज़गार व प्रशिक्षण उन्होंने KVK और सरकारी योजनाओं के सहयोग से महिलाओं और युवाओं को कृषि-आधारित स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया।
🏆 राष्ट्रस्तरीय सम्मानों से मिली पहचान आईसीएआर द्वारा पद्म सम्मान, कृषि टाइम्स द्वारा सम्मान, और कई सरकारी पुरस्कारों से सोनिया को नवाजा गया है।
सोनिया जैन की यह यात्रा दर्शाती है कि समर्पण, नवाचार और समाज के प्रति प्रतिबद्धता से परंपरागत खेती को एक समृद्ध और सम्मानजनक उद्यम में बदला जा सकता है। ‘द लेडी फार्मर’ के रूप में वे न केवल अपने परिवार और गांव की उम्मीद बनी हैं, बल्कि वे समूचे देश के लिए एक प्रेरणास्तंभ हैं। उनके प्रयास भारतीय कृषि के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।

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