सिलवानी – जैन कनेक्ट संवाददाता | श्रुत पंचमी पर्व के पावन अवसर पर शुक्रवार को सिलवानी नगर में अखंड दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में एक भव्य जिनवाणी शोभायात्रा का आयोजन हुआ। पारसनाथ जिनालय से प्रारंभ हुई यह यात्रा ढोल-नगाड़ों, गाजे-बाजे और मंगल गीतों के बीच नगर के मुख्य मार्गों से होकर त्रिमूर्ति जिनालय पहुंची, जहां से पुनः पारसनाथ जिनालय लौटकर सम्पन्न हुई। सिर पर श्रध्दापूर्वक जिनवाणी ग्रंथ लेकर चलती महिलाओं और धर्मध्वजा लहराती बालिकाओं ने शोभायात्रा को भक्तिमय रंग में रंग दिया।
📖 जिनवाणी ग्रंथ की शोभायात्रा श्रुत पंचमी पर मां जिनवाणी की शोभायात्रा पारसनाथ जिनालय से प्रारंभ होकर नगरभर में निकाली गई।
👨👩👧 समाज का उत्साहपूर्ण सहभाग शोभायात्रा में बड़ी संख्या में जैन समाजजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए और धार्मिक उल्लास का प्रदर्शन किया।
📿 सिर पर सजी ग्रंथ थालियां महिलाएं सिर पर थाल में सजे जिनवाणी ग्रंथ श्रद्धा से लेकर चल रही थीं, जिससे वातावरण भक्ति से सराबोर हो उठा।
🥁 ढोल-नगाड़ों संग धार्मिक उल्लास गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की मधुर ध्वनि के साथ शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी।
🕌 त्रिमूर्ति जिनालय में विश्राम शोभायात्रा का मध्य पड़ाव त्रिमूर्ति जिनालय रहा, जहां सामूहिक प्रार्थना और मंगलाचरण किया गया।
🎶 मंगल भजनों से गुंजा नगर शोभायात्रा के दौरान महिलाओं ने भक्तिभाव से मंगल भजन गाए, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा व्याप्त हुई।
🚩 धर्मध्वजा के साथ बालिकाओं की सहभागिता पचरंगी धर्मध्वजा लेकर चलती बालिकाएं शोभायात्रा का आकर्षण रहीं और नवपीढ़ी की आस्था को दर्शाया।
📚 द्वादशांग पूजन का आयोजन पारसनाथ जिनालय में शोभायात्रा के समापन उपरांत सामूहिक रूप से द्वादशांग जिनवाणी पूजन किया गया।
🛕 बुधवारा बाजार में समापन शोभायात्रा का समापन बुधवारा बाजार स्थित पारसनाथ जिनालय में विधिवत पूजन के साथ हुआ।
🙏 श्रुत पंचमी का आध्यात्मिक संदेश श्रुत पंचमी के माध्यम से संत वचनों और जिनवाणी के प्रति श्रद्धा प्रकट करते हुए समाज ने ज्ञान की आराधना की।
इस आयोजन ने श्रुत पंचमी जैसे आध्यात्मिक पर्व को श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता के साथ जीवंत रूप प्रदान किया। जिनवाणी माता की शोभायात्रा ने नगरवासियों को भक्ति, ज्ञान और नैतिकता की प्रेरणा दी।

Leave a Reply