पीसनोपाडा-जैन कनेक्ट संवाददाता | चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन मंदिर, पीसनोपाडा में श्रुतपंचमी महोत्सव का आयोजन पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर जिनवाणी के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में समाज के अनेक गणमान्यजनों, धर्मप्रेमियों एवं श्रद्धालुओं की भावपूर्ण सहभागिता रही। विधान के शुभारंभ से लेकर शिविर तक, हर गतिविधि में जैन संस्कृति, संयम और ज्ञान की अद्भुत प्रस्तुति दिखाई दी।
📍 ध्वजारोहण से हुआ विधिवत प्रारंभ महोत्सव का शुभारंभ शशांक जैन द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया, जिससे आयोजन स्थल पर भक्तिभाव का संचार हुआ।
🎉 उद्घाटन में सहभागिता कार्यक्रम का उद्घाटन सुनील जैन और अतुल जैन परिवार द्वारा किया गया, जिन्होंने धार्मिक आयोजनों में विशेष योगदान दिया।
🪔 मंगल कलश यात्रा की भव्यता मुख्य मंगल कलश यात्रा भूषणलाल और मुकेश जैन के परिवार की अगुवाई में निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था।
📚 जिनवाणी और पंचमेरु की प्रतिष्ठा विधान मंडप में जिनवाणी, पंचमेरु, मंगलद्रव्य, अष्ट प्रातिहार्य आदि की प्रतिष्ठा श्रद्धालुओं द्वारा विधिपूर्वक की गई।
🧘♂️ श्रवण व तप का संदेश डॉ. पुनीत जैन ने छहढाला ग्रंथ की छठवीं ढाल का भावार्थ समझाते हुए मुनिराज के वीतराग जीवन और साधना की महिमा बताई।
📖 संयम और ज्ञान के उपकरण आशीष शास्त्री ने बताया कि मुनिराज के पास मयूर पीछी, शास्त्र व कमण्डल होते हैं, जो संयम, ज्ञान व शुद्धि के प्रतीक हैं।
👨👩👧👦 समाज की व्यापक सहभागिता सुशील जैन, राहुल जैन, हितेश जैन, मनोज, मदन, निशांत, विनय, सार्थक, शुभम सहित अनेक श्रद्धालु परिवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
🧠 शैक्षणिक शिविर का आयोजन अखिल भारतीय जैन युवा फेडरेशन और उत्तर प्रदेश जैन विद्या शोध संस्थान के तत्वावधान में नैतिक संस्कार शिविर का आयोजन किया गया।
📿 संस्कृति और नैतिकता का संदेश शिविर के माध्यम से जैन संस्कृति, नैतिकता और संयम के मूल्यों को बच्चों व युवाओं के मन में संजोया गया।
📸 श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति कार्यक्रम में रजनी, शैलबाला, विदुषी, शिल्पी, अंजलि, मृदुला, अलका, रेखा जैन सहित सैंकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे आयोजन ऐतिहासिक बन गया।
श्रुतपंचमी का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे समाज में ज्ञान, संयम और संस्कृति के मूल्यों को पुनः जीवंत किया गया। इस भव्य आयोजन ने श्रद्धालुओं को आत्मिक आनंद व आस्था का गहरा अनुभव प्रदान किया।

Leave a Reply