श्रुत पंचमी पर्व पर विदिशा में भव्य विधान

विदिशा – जैन कनेक्ट संवाददाता | विदिशा के श्री शीतलनाथ दिगंबर जैन बड़ा मंदिर ट्रस्ट द्वारा श्रुत पंचमी पर्व के अवसर पर त्रिदिवसीय धार्मिक आयोजन का भव्य शुभारंभ किया गया। दिनांक 29 से 31 मई तक चलने वाले इस आयोजन में लघु चौबीसी तीर्थंकर विधान, श्री यागमण्डल विधान, वेदी प्रतिष्ठा, जाप अनुष्ठान और आध्यात्मिक प्रवचनों की श्रंखला ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। स्थानीय और बाहर से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस आयोजन में शामिल हुए।

👇 प्रमुख आकर्षण और गतिविधियाँ:

🛕 श्रुत पंचमी पर्व का शुभारंभ 29 मई से प्रारंभ हुआ त्रिदिवसीय पर्व, जिसमें श्रुत पंचमी के पावन अवसर पर विविध धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई।

📿 लघु चौबीसी तीर्थंकर विधान श्रद्धालुओं ने चौबीस तीर्थंकरों की पूजा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

🪔 यागमण्डल विधान की विशेषता 64 रिद्धि अर्घ, पंच परमेष्ठि अर्घ और त्रिकाल चौबीसी अर्घ समर्पण कर विधान सम्पन्न किया गया।

💫 वेदी शुद्धि का पुण्य सौभाग्य श्री शीतल ज्वेलर्स परिवार की संतोषी जैन, अंशुल जैन और निकिता जैन को वेदी शुद्धि का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

📜 81 मंत्रों के उच्चारण से यंत्र पूजन विद्वान सुलभ शास्त्री और ध्रुव शास्त्री ने विधिपूर्वक मंत्रोच्चारण के साथ यंत्र पूजन सम्पन्न कराया।

👧 बच्चों की विशेष कक्षा ध्रुव शास्त्री ने बच्चों को श्रुत पंचमी पर्व का महत्व समझाया और उन्हें धर्म से जोड़ा।

📚 श्रुत पंचमी का आध्यात्मिक संदेश श्रुत पंचमी पर्व पर जिनवाणी माता की आराधना कर मोक्षमार्ग की ओर अग्रसर होने का आह्वान।

🧘 आध्यात्मिक प्रवचन में समयसार स्वाध्याय रात्रि 8:30 बजे शुभम शास्त्री द्वारा समयसार ग्रंथ का गहन स्वाध्याय कराया गया।

🔔 विशेष पूजन और अभिषेक 30 मई को प्रातः 7:00 बजे से जाप अनुष्ठान, अभिषेक एवं विशेष पूजन का आयोजन हुआ।

📢 ट्रस्ट अध्यक्ष की धर्मलाभ की अपील मलुकचंद जैन खेरुआ ने अधिकाधिक श्रद्धालुओं से धर्मलाभ लेने की अपील की।

श्रुत पंचमी पर्व का आयोजन न केवल धार्मिक परंपराओं का संवाहक बना, बल्कि आत्मिक शुद्धि, ज्ञानार्जन और मोक्षमार्ग की प्रेरणा का भी स्रोत रहा। वेदी प्रतिष्ठा, प्रवचन और पूजन ने जैन समाज को जिनवाणी की महिमा का भान कराया।

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