कोलकाता–जैन कनेक्ट संवाददाता | दिगंबर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी, तीर्थ व मंदिर संरक्षण के पुरोधा और साहित्य प्रेमी श्रवण कुमार जैन के निधन पर कोलकाता के चितपुर स्थित श्री दिगंबर जैन भवन में 18 मई को एक श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। यह आयोजन श्री जैन परिषद के तत्वावधान में हुआ जिसमें सकल दिगंबर जैन समाज, कोलकाता ने सहभागिता निभाई। समाज के कई गणमान्य सदस्यों और जैन बंधुओं ने उनकी स्मृति में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
🙏 समाजसेवी की अंतिम विदाई पर श्रद्धा की अभिव्यक्ति 9 मई को दिवंगत हुए श्रवण कुमार जैन की स्मृति में समाजसेवी राजकुमार सेठी की अध्यक्षता में सभा आयोजित की गई।
🕯️ धार्मिक विधानों से हुई शुरुआत विकास जैन के मंगलाचरण से सभा की शुरुआत हुई और दीप प्रज्वलन कर दिवंगत आत्मा को नमन किया गया।
🌼 परिवार की भावुक सहभागिता पुत्रगण सुबोध, श्रेयांश, समीर जैन ने पिता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
🗣️ गणमान्यजनों ने जताया सम्मान जैन समाज के अलावा अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियों व सामाजिक नेताओं ने उनके योगदान की सराहना की।
💬 व्यक्तित्व की विनम्रता और गरिमा को किया स्मरण उपस्थित वक्ताओं ने उनके मौन, प्रेम और सहनशील स्वभाव को प्रेरणास्रोत बताया।
🌺 संपूर्ण परिवार रहा उपस्थित संपूर्ण परिवार—पुत्र, पौत्र, पौत्रियाँ—श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए और समाज का आभार जताया।
🎤 सुधा जैन ने किया सशक्त संचालन सभा का संचालन सुधा जैन ने कुशलता से किया और महिला सशक्तिकरण में उनके योगदान को रेखांकित किया।
🏛️ सामाजिक संस्थाओं में उनकी अमिट छाप धर्मशाला, कॉलेज, मंदिर निर्माण जैसे कार्यों से उन्होंने स्थायी स्मृतियाँ छोड़ीं।
🧘 सिद्धांतों से समझौता नहीं करने वाले कर्मयोगी रमेश सरावगी ने कहा कि श्रवण जी ने समाजसेवा को हमेशा प्राथमिकता दी और कभी सिद्धांतों से विचलित नहीं हुए।
🫱 हर किसी के लिए थे सुलभ और सहायक राजकुमार सेठी ने कहा कि उनकी हर साँस समाज के लिए थी, उन्होंने हर जरूरतमंद की मदद की।
श्रवण कुमार जैन का जीवन न केवल जैन समाज के लिए, बल्कि समग्र मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत रहा। उनकी विनम्रता, सेवा भावना और सामाजिक चेतना आने वाली पीढ़ियों को भी दिशा देती रहेगी। वे भले शारीरिक रूप से अब हमारे बीच न हों, पर उनकी समाजसेवा की विरासत सदा जीवित रहेगी।

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