हस्तिनापुर–जैन कनेक्ट संवाददाता | हस्तिनापुर के पावन जैन तीर्थ श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में विराजमान भाव भूषण महाराज के सानिध्य में 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ विधान का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ। इस शुभ अवसर पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। विधि-विधान से पूजन, शांतिधारा, मंगलकलश स्थापना और जिनवाणी विराजमान जैसी अनेक धार्मिक क्रियाओं के साथ कार्यक्रम ने आध्यात्मिक वातावरण में गूंज भर दी।
🛕 ध्वजारोहण से हुई शुरुआत ध्वजारोहण कर इस 40 दिवसीय अनुष्ठान का शुभारंभ अनिल जैन, रीता जैन सहित परिवारजनों द्वारा किया गया।
💧 अभिषेक एवं शांतिधारा विधान के प्रथम दिवस पर मुख्य वेदी में श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा की गई।
🌺 मंगल कलश की स्थापना मांगलिक आयोजन के लिए मंगल कलश की स्थापना नेमप्रकाश जैन व स्वाति जैन सहित अन्य श्रद्धालुओं ने की।
🪔 मंगलद्वीप प्रज्ज्वलन शुभ अवसर पर राजीव जैन को मंगलद्वीप प्रज्ज्वल करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
📿 अष्टमंगल द्रव विराजमान मंडल पर अष्टमंगल द्रव व अष्टप्रातिहार्य विराजमान करने में महिलाओं की विशेष भागीदारी रही।
📖 शास्त्र जिनवाणी की स्थापना उमा जैन और अनंतवीर जैन ने जिनवाणी की स्थापना कर ज्ञान की ज्योति प्रज्वलित की।
👨👩👧👦 संपूर्ण परिवारों की सहभागिता पूजन सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं में सुदेश जैन, तरुणा जैन सहित अनेक परिवारों ने सेवा दी।
🧘♂️ भावनात्मक वातावरण शांतिनाथ विधान के शुभारंभ के साथ ही पूरा तीर्थक्षेत्र भक्तिभाव से ओतप्रोत हो गया।
🙏 महिला श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय भूमिका अंजू जैन, मधु जैन, मीनाक्षी जैन जैसी कई श्रद्धालु महिलाओं ने धार्मिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाई।
🎊 40 दिवसीय अनुष्ठान का आगाज़ शुभारंभ के साथ ही अगले 40 दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन का माहौल भक्तिमय बन गया।
हस्तिनापुर के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में शुरू हुआ श्री शांतिनाथ विधान श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों का अद्वितीय संगम है। यह आयोजन न केवल धार्मिक भावनाओं को जाग्रत करता है, बल्कि समाज को एकजुट होकर धर्मपथ पर चलने की प्रेरणा भी देता है।

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