पटना | जैन कनेक्ट संवाददाता | भगवान ऋषभदेव दिगम्बर जैन मंदिर में बुधवार को आर्यिका गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माता का 73वां संयम दिवस (आर्यिका दीक्षा दिवस) भव्यता एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर माता को नवीन पिच्छिका समर्पित की गई, तथा संघपति अनिल कुमार जैन को उनके चरण प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
🔸 संक्षेप में 👇
🙏 माता ज्ञानमती को आचार्य श्री वीरसागर महाराज से दीक्षा मिली थी
📍 दीक्षा स्थल: माधोराजपुरा, जयपुर (राजस्थान)
🧘♀️ पहली बाल ब्रह्मचारिणी कन्या बनीं थीं आर्यिका
🛕 भगवान ऋषभदेव की 31 फुट की प्रतिमा पर दूध व जल से अभिषेक
🌺 मस्तक पर संपन्न हुई महाशांतिधारा
📚 अब तक 550 ग्रंथों की रचना कर चुकी हैं माता
🕉️ भगवान पार्श्वनाथ के गर्भकल्याणक की भी हुई भव्य आराधना
💧 108 कलशों से पार्श्वनाथ का अभिषेक
🍇 भगवान को चढ़ाया गया 73 फलों का विशेष अर्घ्य
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। मंदिर के प्रवक्ता विजय कुमार ने बताया कि ज्ञानमती माता दिगम्बर जैन समाज की सबसे प्राचीन आर्यिका हैं और उनका साहित्यिक योगदान अमूल्य है।
73वें संयम दिवस के अवसर पर ज्ञानमती माता को समर्पित कार्यक्रम में आध्यात्मिक आस्था और अनुशासन की झलक दिखाई दी। दीक्षा स्थली से लेकर वर्तमान तक की उनकी तपस्या, ज्ञान साधना और धार्मिक योगदान को श्रद्धालुओं ने श्रद्धा से नमन किया।

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