फलोदी–जैन कनेक्ट संवाददाता | फलोदी जैन समाज के लिए 30 जून का दिन विशेष होने जा रहा है, जब तीन जैन साध्वियां—साध्वी अभ्युदयाश्रीजी, स्वर्णोदया जी और सत्वोदया जी—अपने गृह नगर में मंगल प्रवेश करेंगी। यह पहला अवसर होगा जब दीक्षा के लगभग तीस वर्षों बाद इन साध्वियों का चातुर्मास फलोदी में आयोजित होगा। साध्वियां खरतरगच्छाधिपति आचार्य जिन मणिप्रभ सूरीश्वर महाराज के शिष्य मनोहरश्रीजी महाराज की शिष्याएं हैं।
🚩 30 जून को होगा नगर में मंगल प्रवेश तीनों साध्वियां 30 जून को सुबह 8 बजे दादी मां मंदिर से शोभायात्रा के साथ नगर में प्रवेश करेंगी।
👣 मुख्य मार्ग से होकर निकलेगा जुलूस जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए चूड़ीघरों का बास स्थित बड़ी धर्मशाला तक जाएगा।
🧘♀️ दीक्षा के 30 वर्षों बाद पहला चातुर्मास लगभग 30 वर्ष पहले दीक्षा लेने वाली तीनों साध्वियां पहली बार फलोदी में चातुर्मास करेंगी।
📿 स्थानीय समाज में विशेष उत्साह तीनों साध्वियां फलोदी मूल निवासी होने के कारण जैन समाज में विशेष श्रद्धा और उत्साह का वातावरण है।
📖 धर्मसभा का आयोजन बड़ी धर्मशाला में प्रवेश के बाद धर्मसभा का आयोजन होगा, जिसमें साध्वियां धर्मोपदेश देंगी।
👩👧👧 खरतरगच्छ परंपरा की साध्वियां तीनों साध्वियां खरतरगच्छ परंपरा से जुड़ी हैं और संयम, साधना व आत्मशुद्धि का जीवन जी रही हैं।
🎉 शोभायात्रा को लेकर तैयारियां पूर्ण श्री खरतरगच्छ संघ व समाज के लोग शोभायात्रा व स्वागत के लिए पूरे उत्साह के साथ तैयारी में जुटे हैं।
🙏 संयम पथ की प्रेरणा इन साध्वियों का जीवन त्याग, सेवा और संयम की जीवंत प्रेरणा बना है समाज के लिए।
🗣️ घीसू लाल गोलेछा ने किया आमंत्रण संघ अध्यक्ष घीसू लाल गोलेछा ने समाज से साध्वियों के स्वागत व सत्संग में भाग लेने की अपील की है।
🏡 गृह नगर में मिल रही आध्यात्मिक वापसी दीक्षा के वर्षों बाद गृह नगर फलोदी में साध्वियों की वापसी को समाज गौरव के रूप में देख रहा है।
यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक रूप से भी जैन समाज के लिए गौरवपूर्ण अवसर है। संयम, सेवा और साधना का यह संगम फलोदी नगर को अध्यात्ममय वातावरण से ओतप्रोत कर देगा।

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