पटना के जैन चैत्यालय में भगवान आदिनाथ सहित तीर्थंकरों की प्रतिमाएं प्रतिष्ठित

पटना – जैन कनेक्ट संवाददाता | पटना स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन चैत्यालय में शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और परंपरा से ओतप्रोत दो दिवसीय लघु पंचकल्याणक महोत्सव की पूर्णाहुति हुई। इस अवसर पर मूलनायक भगवान आदिनाथ के साथ कुल 13 तीर्थंकरों की प्रतिमाओं की भव्य वेदी प्रतिष्ठा संपन्न हुई। प्रतिष्ठा संस्कार मुनिश्री 108 विशल्य सागर जी महाराज और प्रतिष्ठाचार्य डॉ. अभिषेक जैन की सन्निधि में संपन्न हुआ। ऐतिहासिक प्रतिमाओं से सजी यह वेदी जैन धर्म के इतिहास और श्रद्धा का प्रतीक बन गई है।

🔹 प्रमुख आकर्षण इस प्रकार रहे:

🛕 वेदी प्रतिष्ठा की पूर्णाहुति भगवान आदिनाथ सहित 13 तीर्थंकरों की प्रतिमाएं मंत्रोच्चार व विधिपूर्वक प्रतिष्ठित की गईं।

📿 आध्यात्मिक नेतृत्व मुनिश्री 108 विशल्य सागर जी और डॉ. अभिषेक जैन की उपस्थिति में संस्कार सम्पन्न हुआ।

🙏 श्रद्धा से भरी सहभागिता श्रद्धालुओं ने अभिषेक, शांतिधारा और विश्व शांति महायज्ञ में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

🏛️ मंदिर का जीर्णोद्धार शांतिलाल जैन और अन्य श्रद्धालुओं की सेवा भावना से चैत्यालय का नव निर्माण हुआ।

🌟 विधानसभा अध्यक्ष की उपस्थिति बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने भगवान आदिनाथ के दर्शन कर अर्घ्य अर्पित किया।

🪔 भव्य महाआरती व साधर्मी वात्सल्य समापन अवसर पर भव्य आरती और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया।

🎶 संगीतमय भक्ति प्रस्तुतियां जयपुर से आए संगीतकार मनोज और मंडली ने भक्तिरस में डुबो देने वाली प्रस्तुति दी।

🕉️ पद्मावती माता का पूजन पूजन, श्रृंगार एवं गोद भराई का आयोजन कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया गया।

📜 ऐतिहासिक प्रतिमाएं प्रतिष्ठित प्रतिमाएं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, जिनमें एक प्रतिमा 873 वर्ष पुरानी बताई गई।

🏅 पुण्य लाभार्थी नवीन श्री शांतिनाथ प्रतिमा का पुण्य लाभ पटना निवासी ईशान जैन एवं अर्चना जैन को प्राप्त हुआ।

समारोह ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया, बल्कि जैन समाज की एकजुटता, परंपरा और सेवा भावना का भी परिचय दिया। ऐतिहासिक प्रतिमाओं से सजी यह वेदी निःसंदेह आने वाली पीढ़ियों के लिए श्रद्धा और संस्कृति का केंद्र बनेगी।

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