डूंगरपुर-जैन कनेक्ट संवाददाता | जैन समाज का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पर्व पर्युषण महापर्व इस बार डूंगरपुर जिले में 20 अगस्त से आरंभ हो रहा है, जिसका समापन 27 अगस्त को संवत्सरी के साथ होगा। जिलेभर में विभिन्न जैन संघों ने मंदिरों की सजावट से लेकर धार्मिक आयोजनों तक की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
🙏 श्री जैन श्वेतांबर संघ की पहल डूंगरपुर सहित पुनाली, बनकोड़ा, पूंजपुर, बड़ौदा और अन्य स्थानों पर श्वेतांबर संघों ने मंदिर सजावट और भक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया है।
🏛️ जिनालयों की विशेष सजावट सभी जिनालयों में भव्य सजावट की गई है ताकि श्रद्धालु शांत वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें।
🌸 धार्मिक उत्साह का माहौल पूरे संभाग में आसपुर, भबराना, सागवाड़ा, वरदा, बांसवाड़ा, केसरियाजी और उदयपुर तक धार्मिक कार्यक्रमों का उत्साह देखने को मिलेगा।
📿 डूंगरपुर मुख्यालय पर विशेष आयोजन श्री जैन श्वेतांबर वीशा पोरवाड़ संघ और हुम्मड़ संघ द्वारा आठ दिन तक पूजा-अर्चना और विविध धार्मिक कार्यक्रम होंगे।
🛕 मंदिरों में दैनिक कार्यक्रम गंभीरा पार्श्वनाथ मंदिर, महावीर स्वामी मंदिर, शांतिनाथ मंदिर, आदिनाथ मंदिर, नेमिनाथ मंदिर और संभवनाथ जिनालय में रोजाना भक्ति कार्यक्रम होंगे।
🌙 तीसरे दिन रात्रि जागरण वीशा पोरवाड़ संघ के अध्यक्ष गजेन्द्र जैन ने बताया कि महापर्व के तीसरे दिन विशेष रात्रि जागरण का आयोजन होगा।
📖 महावीर जन्म वाचन 23 अगस्त से महावीर स्वामी जन्म वाचन शुरू होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।
🎉 पंचमी का वरघोड़ा 28 अगस्त को घाटी स्थित पार्श्वनाथ मंदिर से पंचमी का भव्य वरघोड़ा निकलेगा।
🔔 आठों दिन प्रतिक्रमण प्रतिदिन प्रतिक्रमण की परंपरा निभाई जाएगी, जिसमें समाज के लोग आत्मचिंतन और प्रायश्चित करेंगे।
🪔 अन्य संघों की तैयारियां पूरी हुम्मड़ संघ के अध्यक्ष पूरणमल दावड़ा ने बताया कि आदिनाथ, शांतिनाथ और संभवनाथ मंदिरों में भी विशेष कार्यक्रम होंगे।
सारांश : डूंगरपुर और आस-पास के जिलों में पर्युषण महापर्व की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 20 अगस्त से शुरू होने वाला यह आठ दिवसीय पर्व समाज को भक्ति, अनुशासन और आत्मचिंतन की दिशा में अग्रसर करेगा।

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