‘सुपर जासूस’ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पराग जैन बने नए RAW प्रमुख !

मुंबई–जैन कनेक्ट संवाददाता | भारत सरकार ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पराग जैन को देश की प्रमुख बाह्य खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) का नया प्रमुख नियुक्त किया है। वे 1 जुलाई से दो वर्ष के कार्यकाल के लिए जिम्मेदारी संभालेंगे। पराग जैन के नाम की घोषणा से खुफिया हलकों में हलचल है, क्योंकि वे HUMINT और TECHINT दोनों क्षेत्रों में महारत रखने वाले एक मंझे हुए अफसर माने जाते हैं। अपने प्रभावी नेतृत्व, रणनीतिक सोच और सटीक अभियानों के लिए प्रसिद्ध जैन की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में भारत को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

🔹 RAW के नए प्रमुख पराग जैन 1989 बैच के पंजाब कैडर के आईपीएस अधिकारी पराग जैन को भारत की खुफिया एजेंसी RAW का प्रमुख नियुक्त किया गया है।

🔹 1 जुलाई से लेंगे कार्यभार जैन 1 जुलाई से दो वर्षों के लिए RAW प्रमुख का कार्यभार संभालेंगे। वे वर्तमान प्रमुख रवि सिन्हा का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है।

🔹 सुपर जासूस की छवि पावर कॉरिडोर और खुफिया हलकों में पराग जैन को ‘सुपर जासूस’ के रूप में जाना जाता है, जिनकी रणनीति और दूरदृष्टि की चर्चा अक्सर होती रही है।

🔹 HUMINT और TECHINT का विशेषज्ञ मिश्रण जैन HUMINT (मानव आधारित खुफिया) और TECHINT (प्रौद्योगिकी आधारित खुफिया) के प्रभावी मिश्रण में निपुण हैं और इसे कई बार सफलता से आजमा चुके हैं।

🔹 ऑपरेशन सिंदूर की सफलता RAW के चर्चित “ऑपरेशन सिंदूर” में उनका नेतृत्व अहम रहा, जिसके तहत पाकिस्तान और POK में आतंक के ठिकानों पर सटीक मिसाइल हमले किए गए।

🔹 वर्षों की तैयारी से मिली सफलता ऑपरेशन सिंदूर में मिली सफलता एक दिन का परिणाम नहीं थी, बल्कि जमीनी नेटवर्क और वर्षों की कड़ी मेहनत का नतीजा थी, जिसे जैन ने कुशलता से संचालित किया।

🔹 जम्मू-कश्मीर में गहरा अनुभव जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में भी जैन का अनुभव गहरा है, जो उन्हें आतंकवाद निरोधी अभियानों में मजबूत बनाता है।

🔹 विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व जैन कनाडा और श्रीलंका में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय समझ और रणनीतिक सोच में वृद्धि हुई है।

🔹 DGP पद पर पदोन्नति उन्हें 1 जनवरी 2021 को पंजाब में पुलिस महानिदेशक के पद पर पदोन्नति मिली थी, हालांकि वे उस समय केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर थे।

🔹 कैबिनेट की मंजूरी के साथ नियुक्ति 28 जून को कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनके नाम पर मुहर लगाई, जिससे रवि सिन्हा के उत्तराधिकारी को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया।

पराग जैन की नियुक्ति भारतीय खुफिया तंत्र को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। उनकी रणनीतिक सोच, तकनीकी समझ और धरातल से जुड़े अनुभवों के चलते RAW आने वाले वर्षों में और अधिक प्रभावी और सटीक खुफिया ऑपरेशन को अंजाम दे सकती है।

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