बालोद–जैन कनेक्ट संवाददाता | डौंडीलोहारा के प्रतिष्ठित डोसी परिवार की सुपुत्री नेहा डोसी ने सांसारिक जीवन का त्याग कर संयम और साधना के पथ को अपनाने का संकल्प लिया है। स्व. महेन्द्र डोसी व नैनी डोसी की पुत्री नेहा अब दीक्षा लेकर आध्यात्मिक जीवन की ओर अग्रसर होंगी। यह महत्वपूर्ण दीक्षा समारोह 4 जून को बीकानेर, राजस्थान में संपन्न होगा। दीक्षा से पूर्व जैन श्री संघ की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में नेहा ने सभी श्रद्धालुओं से क्षमायाचना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
🌿 संयम जीवन की ओर अग्रसर नेहा डोसी ने भौतिक सुखों का त्याग कर संयम मार्ग को चुना, आत्मकल्याण को बताया मुख्य उद्देश्य।
📅 4 जून को होगी दीक्षा राजस्थान के बीकानेर में 4 जून को विधिवत दीक्षा समारोह आयोजित किया जाएगा।
👨👩👧 डोसी परिवार की गौरवगाथा स्व. महेन्द्र डोसी और नैनी डोसी की पुत्री नेहा का यह निर्णय परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बना।
🕊️ मुमुक्षु ने किया क्षमायाचन नेहा ने भावुक होकर सभी से पूर्व कृत्यों के लिए क्षमा याचना की और आशीर्वाद की कामना की।
🧘♀️ आचार्य रामगुरु की शिष्या बनेंगी नेहा ने बताया कि वे आचार्य रामगुरु के सान्निध्य में संयम जीवन धारण करेंगी।
🙏 जैन श्री संघ का अभिनंदन समारोह जैन समाज ने नेहा डोसी का अभिनंदन कर उनके निर्णय की अनुमोदना की।
🗣️ समाजजन की शुभकामनाएं कंवरलाल रतनबोहरा, महेन्द्र नाहर, चंदा बुरड़ सहित कई गणमान्यजनों ने नेहा को साधना मार्ग पर अग्रसर होने की शुभकामनाएं दीं।
🎖️ समता मंडलों का सम्मान समता नवयुवक मंडल और समता महिला मंडल ने नेहा व उनके परिजनों का सार्वजनिक सम्मान किया।
🪷 नेहा का आत्मबोध नेहा ने कहा, “मनुष्य जीवन दुर्लभ है, मोक्षमार्ग पर चलना ही सच्चा कल्याण है।”
🧎♂️ दीक्षा को बताया मोक्ष का द्वार नेहा के अनुसार, संयम ही आत्मा के बंधनों से मुक्त होने का एकमात्र मार्ग है।
नेहा डोसी का सांसारिक जीवन त्यागने का निर्णय न केवल डोसी परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उनका यह संयम पथ आध्यात्मिक जागृति, आत्मशुद्धि और मोक्ष की ओर एक प्रबल प्रयास है, जो आज के युग में भी त्याग और साधना की महत्ता को रेखांकित करता है।

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