पानीपत में पूज्य नरेश चंद्र जी महाराज का चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश

पानीपत-जैन कनेक्ट संवाददाता | जैन धर्म की तपस्वी परंपरा में चातुर्मास का विशेष महत्व है, और इसी अनुपम परंपरा को आगे बढ़ाते हुए पूज्य गुरुदेव श्री सुदर्शन लाल जी महाराज के दिव्य संघ के संघ संचालक पूज्य नरेश चंद्र जी महाराज के नेतृत्व में तपस्वी रत्न पूज्य नरेंद्र मुनि जी महाराज (ठाणे-8) का विवेक नगर, पानीपत स्थित जैन स्थानक में चातुर्मास हेतु भव्य मंगल प्रवेश हुआ।
प्रातः 7:30 बजे विवेक विहार जैन स्थानक से शुरू हुए मंगल विहार में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जयकारों, भजनों और स्वागत द्वारों से सजा नगर इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, अपितु श्रद्धा, सेवा और गुरु भक्ति का उत्सव था।

🙏 विवेक विहार से हुआ मंगल विहार का शुभारंभ प्रातः 7:30 बजे पूज्य नरेंद्र मुनि जी ने विवेक विहार जैन स्थानक से विहार प्रारंभ किया, जिसमें संघ के असंख्य श्रद्धालु शामिल हुए।

🎉 श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत नगर के अनेक स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए, जयकारों से वातावरण गूंज उठा, भावनात्मक भजनों से हुआ गुरु आगमन का स्वागत।

🚎 विशेष बस और निजी वाहनों से उमड़ा जनसैलाब पानीपत सहित आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु विशेष बसों और निजी वाहनों से आयोजन स्थल पर पहुंचे।

🕊️ धार्मिक उत्साह से भरा नगर
पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण रहा, श्रद्धालु दर्शन लाभ लेकर आत्मिक शांति की अनुभूति कर रहे थे।

🛕 नरवाना से लेकर विवेक नगर तक किया विचरण स्वास्थ्य कठिनाइयों के बावजूद पूज्य नरेश चंद्र जी महाराज ने पंजाब, हरियाणा व दिल्ली होते हुए चातुर्मास स्थल तक का कठिन सफर पूरा किया।

❤️ हृदय की तकलीफ के बाद भी नहीं रुका संकल्प बठिंडा में इलाज के बाद भी महाराज ने तप, त्याग और संघ की व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए सतत विहार जारी रखा।

🌟 भक्तों की श्रद्धा ने रचा अद्वितीय इतिहास श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा भावना ने यह सिद्ध कर दिया कि “भक्त के बस में भगवान होते हैं।”

📢 संपूर्ण संघ को दिया आमंत्रण श्री संघ ने श्रद्धालुओं को सपरिवार इस पुण्य अवसर पर आमंत्रित किया और गुरुओं की कृपा प्राप्त करने का आग्रह किया।

🗣️ गुरुओं की तप साधना बनी प्रेरणा पूज्य गुरुओं की साधना, धैर्य और समर्पण ने उपस्थित जनसमूह को धर्म और सेवा के लिए प्रेरित किया।

👣 विवेक नगर को मिला चातुर्मास का सौभाग्य नगरवासियों ने इसे सौभाग्य का क्षण मानते हुए गुरुओं का अभिनंदन किया और चातुर्मास आरंभ की तैयारी में जुट गए।

पूज्य नरेश चंद्र जी महाराज का यह चातुर्मास प्रवेश केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि साहस, सेवा और श्रद्धा की मिसाल बन गया है। विवेक नगर की पावन धरा इस चार माह की तप साधना की साक्षी बनेगी, और श्रद्धालुओं को आत्मशुद्धि व सत्संग का अनुपम अवसर प्रदान करेगी।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*