बूंदी-जैन कनेक्ट संवाददाता | बूंदी के नैनवां रोड स्थित रजतगृह कॉलोनी के श्रीशीतलनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को आयोजित होने वाले आचार्य 108 श्रीविद्यासागरजी महामुनिराज के मुनि दीक्षा दिवस की तैयारियां श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गई हैं। मुनिश्री वैराग्यसागर महाराज एवं मुनिश्री सुप्रभसागर महाराज के सानिध्य में भगवान शीतलनाथ का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। धर्मसभा में मुनिराजों ने धर्म, पुण्य और सच्चे सुख पर गहन विचार रखे।
🌺 भगवान शीतलनाथ का अभिषेक और शांतिधारा
शीतलनाथ भगवान की शांतिधारा कोषाध्यक्ष कपूरचंद, पदमा, नेमीचंद और कैलाशचंद द्वारा की गई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया।
🙏 मुनिश्री वैराग्यसागर महाराज का संदेश
धर्मसभा में उन्होंने कहा कि धर्म से अर्जित धन ही जीवन में स्थायी सुख देता है, अधर्म से प्राप्त धन क्षणिक सुख का कारण बनता है।
📿 धर्म से ही बनता है पुण्य
मुनि सुप्रभसागर महाराज ने पुण्य के निर्माण में धर्म की भूमिका बताते हुए कहा कि पुण्य से ही सच्चे अर्थों में धन और आनंद प्राप्त होता है।
🧭 सच्चे मित्र की परिभाषा
मुनिश्री ने कहा कि जो व्यक्ति गलत मार्ग से रोके और सही दिशा में मार्गदर्शन करे, वही सच्चा मित्र होता है।
🪔 दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
भगवान शीतलनाथ की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की आध्यात्मिक शुरुआत की गई।
📚 शास्त्र भेंट का आयोजन
प्रकाशचंद जैन, प्रकाश जैन, विनोद जैन और रविंद्र काला द्वारा मुनिश्री को शास्त्र भेंट किए गए।
🗣️ धर्मसभा का कुशल संचालन
एडवोकेट संजय जैन ने प्रभावशाली ढंग से धर्मसभा का संचालन किया, जिससे श्रोता भावविभोर हो गए।
📅 मुनि दीक्षा जयंती सोमवार को
सोमवार दोपहर 1 बजे सामुदायिक भवन में आचार्य विद्यासागर महाराज का 58वां मुनि दीक्षा दिवस मनाया जाएगा।
🙏 विशेष आयोजन की रूपरेखा
कार्यक्रम में मंगलाचरण, चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन और मुनिश्री के प्रवचन होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन भाग लेंगे।
🧑🤝🧑 समाज का सक्रिय योगदान
समाज अध्यक्ष बिरधीचंद धनोप्या के अनुसार यह आयोजन समर्पण और संघभाव का प्रतीक बनेगा।
यह धार्मिक आयोजन जैन समाज में आस्था, सेवा और संयम के मूल्यों को पुनः सशक्त करने वाला सिद्ध हो रहा है। मुनिश्री की धर्मसभा ने जीवन में धर्म के महत्व को सरल भाषा में समझाकर श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श किया।

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