रायपुर–जैन कनेक्ट संवाददाता | भगवान महावीर स्वामी के कैवल्य कल्याणक दिवस के पावन अवसर पर जैन संवेदना ट्रस्ट के आह्वान पर विश्व भर के जैन समाज ने गोदोहासन मुद्रा में नवकार महामंत्र का जाप करते हुए हिंसा मुक्त, समृद्ध और भाईचारे से परिपूर्ण समाज की स्थापना हेतु प्रार्थना की। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक बना बल्कि सामाजिक सौहार्द की दिशा में एक प्रेरणास्पद कदम भी सिद्ध हुआ।
🧘 गोदोहासन मुद्रा में जाप का आयोजन विश्व भर में जैन समाज के लोगों ने गोदोहासन मुद्रा में बैठकर नवकार महामंत्र का जाप कर अहिंसा और शांति की कामना की।
🌿 केवल ज्ञान की स्मृति में आयोजन महावीर स्वामी ने ऋजुबालिका नदी के तट पर शाल वृक्ष के नीचे गोदोहासन मुद्रा में केवलज्ञान प्राप्त किया था, उसी की स्मृति में यह आयोजन किया गया।
🕯️ ज्ञान दीप जलाकर जाप श्रद्धालुओं ने अपने घरों के मंदिरों या वृक्ष के नीचे दीप जलाकर नवकार महामंत्र का जाप किया।
👨👩👧👦 परिवारों ने मिलकर की आराधना देश-विदेश के 25,000 से अधिक परिवारों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा से मिलकर जाप में भाग लिया।
📸 व्हाट्सएप पर भेजीं तस्वीरें छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, दिल्ली सहित अनेक राज्यों से सहभागिता की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की गईं।
🧒 बच्चों को मिला धार्मिक ज्ञान जाप कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों ने केवलज्ञान, गोदोहासन मुद्रा और भगवान महावीर स्वामी के जीवन के बारे में सीखा।
🙏 प्रार्थना से जागी नई आशा श्रद्धालुओं ने विश्वास प्रकट किया कि यह सामूहिक जाप विश्व में शांति और भाईचारे की स्थापना में सहायक होगा।
🕊️ अहिंसा और करुणा का संदेश प्रार्थनाओं में आतंकी हिंसा को त्यागकर करुणा और दया के मार्ग पर चलने की कामना की गई।
🧘♀️ नवकार जाप से आत्मबल में वृद्धि जाप करने वालों ने अनुभव किया कि इससे आत्मबल और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
📜 चतुर्विध संघ की स्थापना का स्मरण महावीर स्वामी ने कैवल्य कल्याणक के अगले दिन चतुर्विध संघ की स्थापना की थी, जो आज भी जैन धर्म की आधारशिला है।
यह आयोजन न केवल भगवान महावीर स्वामी की स्मृति में एक आध्यात्मिक आराधना था, बल्कि आधुनिक समाज को अहिंसा, करुणा और भाईचारे की दिशा में एक प्रेरणा देने वाला संदेश भी। विश्व के जैन समाज ने एक स्वर में यह सिद्ध कर दिया कि सामूहिक प्रार्थना से सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

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