जयपुर–जैन कनेक्ट संवाददाता | मुरलीपुरा स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में गर्मियों की छुट्टियों को ज्ञान से भरने वाला धार्मिक शिक्षण शिविर 18 मई से आरंभ हो चुका है। यह शिविर 27 मई तक चलेगा, जिसमें प्रतिदिन शाम 7:45 बजे से धार्मिक कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। शिविर का उद्देश्य जैन बालकों एवं युवाओं में धर्म की समझ और नैतिक मूल्यों की स्थापना करना है।
📚 शिविर की अवधि और समय यह दस दिवसीय शिविर 18 से 27 मई तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन शाम 7:45 बजे से कक्षाएं होती हैं।
🏛️ मंदिर प्रबंध समिति का नेतृत्व धर्मचंद बड़जात्या (अध्यक्ष) और नीरज जैन (महामंत्री) के निर्देशन में शिविर का संचालन किया जा रहा है।
🧘 हर वर्ष होता है आयोजन यह शिविर प्रतिवर्ष ग्रीष्मकालीन अवकाश में दिगंबर जैन महासमिति के तत्वावधान में आयोजित किया जाता है।
📖 छह ढाला ग्रंथ का अध्ययन शिविर में पंडित दौलतराम द्वारा रचित ‘छह ढाला’ ग्रंथ की तीसरी और चौथी ढाल का अध्ययन करवाया जा रहा है।
👩🏫 जैन विदुषी डॉ. कामिनी जैन का मार्गदर्शन शिविर की कक्षाएं प्रसिद्ध जैन विदुषी डॉ. कामिनी जैन के मार्गदर्शन में संचालित हो रही हैं।
👦 बच्चों की भागीदारी शिविर में बड़ी संख्या में बच्चे उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं और धार्मिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं।
📝 शिविर का समापन परीक्षा के साथ 27 मई को अंतिम दिन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जो शिविर की समाप्ति का प्रतीक होगा।
🏅 प्रतिभागियों को मिलेगा सम्मान परीक्षा में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जयपुर और मंदिर स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
🕊️ धर्म और नैतिक शिक्षा का समावेश शिविर में धार्मिक ग्रंथों के साथ-साथ नैतिक शिक्षा और व्यवहारिक जीवन मूल्यों को भी सिखाया जा रहा है।
🌟 भविष्य निर्माण की दिशा यह शिविर बच्चों को न केवल धार्मिक दृष्टि से सशक्त बना रहा है, बल्कि उनमें आत्मसंयम और संस्कार भी विकसित कर रहा है।
महावीर दिगंबर जैन मंदिर का यह शिविर आने वाली पीढ़ी को जैन धर्म की गहराई से परिचित कराने का एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है। बच्चों की सक्रिय भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि धार्मिक शिक्षा आज भी समाज में अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है।

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