कुंडल–जैन कनेक्ट संवाददाता | मध्यप्रदेश के कुंडल सिद्ध अतिशय क्षेत्र में स्थित चतुर्थ कालीन, लगभग 3000 वर्ष प्राचीन पार्श्वनाथ प्रतिमा को सोमवार को अज्ञात बदमाशों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। नीचे पार्श्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के उपरांत 65 वर्षीय पुजारी जीवंधर उपाध्याय जब ऊपर गिरी पार्श्वनाथ तक अभिषेक के लिए पहुंचे, तो तीन श्रद्धालुओं ने वहाँ लगी प्राचीन मूर्तियों का बुरा हाल देखा और तुरंत खबर मंदिर परिषद् को दी।
🕉️ 250 सीढ़ियाँ पार कर पहुंचे अभिषेक स्थल तिथक्षेत्र समिति द्वारा निर्मित 250 सीढ़ियाँ चढ़कर पुजारी गिरी पार्श्वनाथ तक पहुँचते हैं, जहां प्राचीन मूर्तियाँ स्थित हैं।
🗿 मुख्य प्रतिमा की नाक व आंखें टूटीं मूलनायक पार्श्वनाथ की नाक, आंख और जांघ को चीर-फाड़ कर क्षतिग्रस्त किया गया।
⚠️ पद्मावती माता की मूर्ति का सर फटा पद्मावती माता की मूर्ति के सिर पर स्थित सर्पफण को तोड़ दिया गया।
🚨 दूसरी प्रतिमा की भी हुई तोड़फोड़ नज़दीकी पार्श्वनाथ प्रतिमा की नाक व सिर को भी पत्थर से तोड़कर अलग कर दिया गया।
🕯️ क्षेत्रपाल मूर्ति की आंख-मूंछ क्षतिग्रस्त क्षेत्रपाल की मूर्ति की आंखें तथा मूंछें पूरी तरह नष्ट पाई गईं।
🔍 फोरेंसिक टीम ने की जांच डॉगरा स्थित गिरि पार्श्वनाथ मंदिर पर पुलिस फोरेंसिक दस्ते और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों ने जांच शुरू की।
🙏 शिकायत दर्ज कराते हुये सहयोग सभी ट्रस्टी ने ग्राम पंचायत धर्मशाला में मीटिंग के बाद थाना पहुँचे और तहरीर दी।
🏺 बार-बार टूटा ताला, व्यवस्था में खामी पहले यहां ताला लगाया जाता था, पर भक्त ताला तोड़ देते थे—15 बार घटना के बाद ताला ही नहीं लगाया जाता।
🛕 पुजारी का नियमित अभिषेक चक्र प्रत्येक अमावस्या-पूर्णिमा को पुजारी जीवंधर उपाध्याय गिरि पार्श्वनाथ पर अभिषेक पूजन के लिए जाते हैं।
⚒️ मूर्ति तस्करी की आशंका खंडित प्रतिमाएं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत रखती हैं, जिससे संगठित तस्करी की भी आशंका जताई जा रही है।
छोटी-छोटी लापरवाहियों से 3000 वर्ष पुरानी विरासत को भारी क्षति पहुँची है। जैन समाज ने पुरातत्व विभाग से सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की मांग की है, जबकि पुलिस रफ्तार पकड़ने के प्रयास में जुटी है।

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