अमेरिका में कच्छी ओसवाल जैन संगठन की बैठक

शिकागो |जैन समाज की विविधता और वैश्विक विस्तार को दर्शाती एक उल्लेखनीय घटना अमेरिका के शिकागो में देखने को मिली, जहां कच्छी ओसवाल जैन एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका (KOJAIN) की विशेष सामुदायिक बैठक आयोजित की गई। यह आयोजन प्रसिद्ध जैन सम्मेलन “JAINA” के दौरान हुआ, जिसमें उत्तर अमेरिका भर से करीब 175 कच्छी जैन सदस्यों ने भाग लेकर भाईचारे, संस्कृति और सेवा के मूल्यों को फिर से मजबूत किया।

🌍 अमेरिका में कच्छी जैनों की प्रभावशाली भागीदारी शिकागो में आयोजित बैठक में उत्तर अमेरिका के विभिन्न शहरों से आए 175 कच्छी जैनों ने भाग लिया।

📜 KOJAIN के गौरवशाली इतिहास का परिचय जैन रत्न पुरस्कार विजेता राम गड़ा (बाड़ा) ने KOJAIN की स्थापना, उद्देश्य और उसके ऐतिहासिक योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया।

💡 कच्छी समाज के योगदान पर प्रकाश डॉ. धीरज शाह (मांडवी) ने जैन समाज में कच्छी समुदाय की सेवाओं और उनके योगदान पर रोशनी डाली।

🤝 युवाओं को सेवा के लिए प्रेरणा मनोज धर्मसी (कोठारा) और KOJAIN के पूर्व अध्यक्ष विजय छेड़ा (कुंदरोडी) ने युवाओं को अस्पतालों में स्वयंसेवक बनने की प्रेरणा दी।

🙏 पूर्व अध्यक्षों की गरिमामयी उपस्थिति KOJAIN और JAINA के पूर्व अध्यक्ष हरेश शाह (भुजपुर) ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर संगठन की निरंतरता को समर्थन दिया।

🧭 कार्यक्रम के आयोजक की प्रमुख भूमिका अमित शाह (मंजल रेलाडिया) ने मानद रीजनल डायरेक्टर के रूप में पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

🗂️ स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों का उत्कृष्ट समन्वय नरेंद्र विसरिया (भचाऊ) और डिंपल डेढिया जैसे पदाधिकारियों के समन्वय से कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।

🌱 वृक्षारोपण अभियान में सहभागिता की प्रेरणा रमेश डेढिया और मितुल खेतानी ने कच्छ में वृक्षारोपण प्रोजेक्ट के लिए सभी को प्रेरित किया।

📈 नई पहलों की जानकारी KOJAIN द्वारा संचालित मैट्रिमोनियल और नए मेंटर-मेंटि प्रोग्राम की उपलब्धियों को अमितभाई ने प्रस्तुत किया।

🎤 KOJAIN अध्यक्ष की ओर से आभार KOJAIN की मानद अध्यक्ष भाविनी गड़ा ने सभी उपस्थितजनों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए संगठन के भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

यह बैठक केवल एक संगठनात्मक पहल नहीं थी, बल्कि यह एक ऐसा मंच था जहाँ कच्छी जैन समाज के लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर अपने मूल्यों, संस्कृति और सेवा भाव को सशक्त किया। अमेरिका की भूमि पर कच्छ की खुशबू और भाईचारे की भावना को संजोने का यह सुंदर प्रयास था।

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