जैन मंदिर चोरी कांड के विरोध में ब्यावर में मौन जुलूस

ब्यावर-जैन कनेक्ट संवाददाता | राजस्थान के ब्यावर शहर में स्थित ऐतिहासिक श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में हाल ही में हुई चोरी की घटना से समस्त जैन समाज आक्रोशित है। इसी संदर्भ में गुरुवार को जैन समाज ने एक मौन जुलूस निकालकर जिला प्रशासन के समक्ष अपनी तीन अहम मांगें रखीं। यह जुलूस महावीर सर्किल अजमेरी गेट से प्रारंभ होकर कलेक्टर कार्यालय तक गया। समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मंदिरों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।

🔒 धार्मिक स्थल पर चोरी की शर्मनाक घटना 14 जून की रात चोरों ने श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से प्राचीन श्री शांतिनाथ भगवान की मूर्ति चुरा ली, साथ ही चांदी के छत्र और कलश समेत कई पूज्य वस्तुएं भी ले गए।

🪔 पूज्य वस्तुओं की अपूरणीय क्षति मंदिर से जो वस्तुएं चोरी हुईं, वे सिर्फ आर्थिक नहीं बल्कि धार्मिक और भावनात्मक दृष्टि से अत्यंत मूल्यवान थीं।

🚶 मौन जुलूस से व्यक्त किया विरोध जैन समाज ने महावीर सर्किल से कलेक्टर कार्यालय तक मौन जुलूस निकालकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।

🧾 जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए समाज ने तीन प्रमुख मांगें रखीं: चोरों की गिरफ्तारी, चोरी गई वस्तुओं की बरामदगी और धार्मिक स्थलों की स्थायी सुरक्षा व्यवस्था।

🛑 तीन मुख्य मांगों पर अडिग रुख जैन समाज ने चेतावनी दी है कि जब तक चोरों की गिरफ्तारी और मंदिर सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं किए जाते, विरोध जारी रहेगा।

🤝 सभी जैन संगठनों की एकजुटता दिगंबर जैन पंचायत, श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट और अन्य जैन संगठन एकसाथ इस विरोध में सम्मिलित हुए।

👨‍⚖️ प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग समाज ने प्रशासन से मांग की कि इस पवित्र स्थल की गरिमा बनाए रखने हेतु त्वरित और सख्त कदम उठाए जाएं।

📢 प्रवक्ता ने जताई चिंता जैन समाज के प्रवक्ता अमित गोधा ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज की आस्था को गहरी चोट पहुंचाती हैं और प्रशासन को सजग रहना चाहिए।

👥 प्रमुख समाजसेवियों की उपस्थिति जुलूस में अशोक काला, पारस कासलीवाल, संजय रावका समेत कई प्रतिष्ठित समाजसेवी मौजूद थे।

📷 घटना ने धार्मिक भावना को आहत किया इस चोरी कांड ने जैन समाज की धार्मिक भावना को गहरा आघात पहुंचाया है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।

ब्यावर के जैन समाज ने एक शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाई है। अब पूरा समुदाय प्रशासन से ठोस कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है, ताकि धर्मस्थलों की पवित्रता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

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