गोसेवा के माध्यम से देशभक्ति का अद्वितीय संगम: दमोह में गो ग्रास अर्पण कार्यक्रम

दमोह–जैन कनेक्ट संवाददाता | जब-जब राष्ट्र पर संकट आता है, तब-तब भारतवासी धर्म और कर्तव्य की भावना से एकजुट हो उठते हैं। हाल ही में पाकिस्तान द्वारा की गई नापाक हरकत का भारतीय सेना ने वीरता से उत्तर दिया, जिससे पूरे देश में गर्व और उत्साह की लहर दौड़ गई। इसी भाव को जीवंत करते हुए जैन मिलन नगर प्रमुख शाखा, दमोह ने एक विशेष गो ग्रास अर्पण कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय गोशाला में किया। इस आयोजन में धर्म और देशप्रेम का अनुपम संगम देखने को मिला।

🔆 दीप प्रज्वलन और नवकार मंत्र से आरंभ कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और नवकार मंत्र के साथ हुई, जिससे माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

🇮🇳 देशभक्ति से गूंजा वातावरण राष्ट्रगान और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा आयोजन स्थल देशप्रेम की भावना में सराबोर हो गया।

🐄 सेना को समर्पित गोसेवा जैन दर्शन में गोसेवा को परम पुण्य माना गया है। जब यह सेवा सैनिकों की वीरता को समर्पित हो, तो इसका महत्व और बढ़ जाता है।

🗣️ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का संदेश आरके जैन ने कहा, “सैनिक धर्म की रक्षा में लगे हैं और हम गोसेवा के माध्यम से राष्ट्रधर्म निभा रहे हैं।”

🙏 राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता गो ग्रास अर्पण केवल परंपरा नहीं, बल्कि देश के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।

🛡️ पंचायत अध्यक्ष का प्रेरणादायक वक्तव्य सुधीर सिंघई ने कहा, “जब तक गो माता और सैनिकों के प्रति सम्मान रहेगा, भारत अमर रहेगा।”

🏞️ धर्मसेवा को तीर्थ रूप प्रदान किया मुकेश जैन मम्मा ने कहा, “गोसेवा में देवताओं का वास होता है और जब यह सेवा वीरों के लिए हो, तो यह तीर्थ बन जाती है।”

🕯️ श्रद्धांजलि अर्पण सभी सदस्यों ने गोमाता को हरा चारा अर्पित किया और शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी।

📋 संगठित संचालन कार्यक्रम का संचालन शाखा मंत्री संजीव जैन शाकाहारी ने किया, जिससे अनुशासन और श्रद्धा का सुंदर समन्वय बना।

👥 विशिष्ट जनों की उपस्थिति इस अवसर पर सुनील जैन बेजेटेरियन, आनंद जैन, सौरभ जैन, मनीष जैन सहित अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब सेवा, श्रद्धा और राष्ट्रप्रेम एक साथ चलते हैं, तो समाज एक प्रेरणास्त्रोत बनता है। जैन समाज की यह पहल आज की पीढ़ी के लिए आदर्श है।

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