एटा – जैन कनेक्ट संवाददाता | प्रज्ञा श्रमण मुनि अमित सागर महाराज के शिष्य, पूज्य जैन मुनि अनुमान सागर जी का सराय अगहत में आध्यात्मिक और श्रद्धापूर्ण वातावरण में भव्य स्वागत किया गया। वे भोगांव से बौद्ध तीर्थ स्थली संकिसा होते हुए सराय अगहत पहुंचे। जैसे ही वे नगर में प्रविष्ट हुए, श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर दौड़ गई और पूरा वातावरण धर्ममय हो गया। पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर तक बैंड-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा में जैन और सनातन धर्म के अनुयायियों ने मिलकर उनका अभिनंदन किया।
🙏 मुनि श्री का आगमन जैन मुनि अनुमान सागर जी महाराज भोगांव से संकिसा होते हुए सराय अगहत पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया।
🎺 बैंड-बाजों के साथ शोभायात्रा बैंड-बाजों के साथ मेन रोड व बाजार से होती हुई शोभायात्रा पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर तक पहुंची।
🌸 अर्घ्य और श्रीफल से हुआ सम्मान मंदिर समिति के कार्यकारिणी सदस्यों ने मुनि श्री को अर्घ्य और श्रीफल अर्पित कर ससम्मान वंदना की।
🪣 पाद प्रक्षालन का सौभाग्य महेश चंद्र जैन परिवार को मुनिश्री का पाद प्रक्षालन करने का पुण्य अवसर प्राप्त हुआ।
🗣️ मंगल उद्बोधन में चातुर्मास पर प्रकाश मुनि श्री ने चातुर्मास की महत्ता बताते हुए इसे पुण्य संचय का श्रेष्ठ काल बताया।
🌧️ वर्षा ऋतु में अहिंसा का पालन उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में जीवों की रक्षा हेतु जैन साधु एक स्थान पर ठहरकर धर्म-ध्यान करते हैं।
🛕 कंपिल में करेंगे चातुर्मास मुनि श्री अगले दिन कायमगंज होते हुए कंपिल जी जाएंगे, जहां चार महीने तक धर्म आराधना करेंगे।
🛣️ आगमन से पहले किया तीर्थ भ्रमण फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, मैनपुरी और भोगांव होते हुए मुनि श्री सराय अगहत पहुंचे।
🤝 धर्मों की एकता का दृश्य एटा-फर्रुखाबाद सीमा पर जैन व सनातन धर्म अनुयायियों ने एक साथ मिलकर मुनि श्री का स्वागत किया।
👥 समारोह में गणमान्यजनों की उपस्थिति रामसेवक शाक्य, डॉ. एसएम नईम, मुनीश पाल, सुभाष गुप्ता सहित कई प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
सराय अगहत में जैन मुनि अनुमान सागर जी के आगमन ने न केवल जैन समाज को अपार आध्यात्मिक ऊर्जा दी, बल्कि धार्मिक एकता और सहअस्तित्व का सुंदर उदाहरण भी प्रस्तुत किया। उनके चातुर्मास प्रवास से क्षेत्र में धर्म-अध्ययन और साधना का माहौल और सुदृढ़ होगा।

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