जलगांव-जैन कनेक्ट संवाददाता | जलगांव स्थित जैन इरिगेशन सिस्टम्स लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही और पूरे वर्ष के लिए अपने ऑडिटेड समेकित और स्टैंडअलोन परिणाम जारी किए हैं। कंपनी ने वर्ष के अंत तक 25.7 करोड़ रुपये का कर पश्चात समेकित लाभ (PAT) दर्ज किया है। दुनिया की दूसरी और भारत की सबसे बड़ी ड्रिप सिंचाई प्रणाली निर्माता कंपनी ने वैश्विक और घरेलू बाजारों में मिलेजुले प्रदर्शन के साथ वित्तीय स्थिरता का संकेत दिया है।
आइए जानें जैन इरिगेशन के ताजा नतीजों की प्रमुख बातें:
💰 समेकित लाभ में मजबूती कंपनी ने वर्ष 2024-25 में 25.7 करोड़ रुपये का कर पश्चात समेकित लाभ दर्ज किया।
📈 समेकित आय में मजबूती वित्तीय वर्ष के लिए कंपनी की समेकित आय 5779.3 करोड़ रुपये रही।
📊 EBIDTA में सुधार कंपनी ने 716.8 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज कर परिचालन प्रदर्शन में मजबूती दर्शाई।
🗂 चौथी तिमाही में स्थिर आय Q4 FY25 में स्टैंडअलोन आय 1027.3 करोड़ रुपये तक पहुंची।
📋 स्वतंत्र आय में निरंतरता पूरे वर्ष की स्वतंत्र आय 3259 करोड़ रुपये रही, जो कारोबार की मजबूती को दर्शाती है।
🏠 घरेलू कारोबार बना चुनौती वर्ष के कुल राजस्व में गिरावट मुख्यतः घरेलू बाजार में कमज़ोरी के कारण आई।
💵 नकदी प्रवाह में सुधार कुशल कार्यशील पूंजी प्रबंधन के चलते कंपनी ने परिचालन नकदी प्रवाह में उल्लेखनीय सुधार किया।
🌾 मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान कंपनी अब पाइपिंग, हाई-टेक एग्री और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मुख्य व्यवसायों पर केंद्रित है।
🏗 सरकारी खर्च से आशा सरकार के बुनियादी ढांचे पर खर्च और स्थिर कृषि उत्पादन से भविष्य की मांग में सुधार की उम्मीद जताई गई।
📉 ऋण घटाने पर फोकस कंपनी का लक्ष्य है कर्ज कम कर कार्यशील पूंजी को कुशल बनाना और नकदी प्रवाह बढ़ाना।
संक्षेप में, जैन इरिगेशन ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में संयमित रणनीतियों और संचालन दक्षता के बल पर लाभप्रदता बनाए रखी है। कंपनी का ध्यान भविष्य में विकास के नए अवसरों और बेहतर नकदी प्रबंधन की ओर है।

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