अजमेर – जैन कनेक्ट संवाददाता | जैन तीर्थ स्थलों की मर्यादा की रक्षा और विहाररत संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग को लेकर 17 जून को अजमेर में जैन समाज द्वारा आक्रोश रैली निकाली जाएगी। समाज का कहना है कि धार्मिक स्थलों के साथ हो रहे छेड़छाड़ और संतों की सुरक्षा में हो रही लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस रैली के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें तीर्थों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की जाएगी।
🛕 जैन तीर्थों की गरिमा को खतरा देशभर में कुछ जैन तीर्थ स्थलों पर हो रही गतिविधियाँ समाज की भावनाओं को आहत कर रही हैं।
🧘♂️ संतों की सुरक्षा चिंता का विषय विहार करते संतों की सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल उठ रहे हैं।
🚶 17 जून को शहर में निकलेगी आक्रोश रैली जैन समाज के सैकड़ों सदस्य शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ स्वरूप में विरोध दर्ज कराएंगे।
👥 प्रमुख नेताओं की उपस्थिति बैठक में उपमहापौर नीरज जैन, सुशील बाकलीवाल, विजय जैन, प्रवीण जैन सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
📜 ज्ञापन सौंपेंगे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को रैली के उपरांत दो अलग-अलग ज्ञापन सरकार के उच्चाधिकारियों को सौंपे जाएंगे।
🤝 सामूहिक संगठन शक्ति का परिचय जैन समाज ने एकजुट होकर अपने धर्मस्थलों और साधुओं की रक्षा हेतु आवाज बुलंद की।
👩🦳 महिलाओं की भागीदारी भी सुनिश्चित रूबी जैन, पूनम कोठारी सहित कई महिलाएं समाज की मांगों के समर्थन में आगे आईं।
🙌 संपूर्ण समाज का समर्थन नाथूलाल जैन, अतुल पाटनी, कमल गंगवाल, नितिन जैन, हेमेंद्र जैन जैसे नामचीन सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन प्राप्त हुआ।
🔔 नए संकल्पों की ओर अग्रसर यह रैली केवल विरोध नहीं, अपितु एक जागरूकता अभियान के रूप में भी देखी जा रही है।
🏅 संघ सेवाओं की सराहना श्री दिगंबर जैन मुनि संघ सेवा समिति के कार्यों को विशेष सराहना मिली।
17 जून को अजमेर में आयोजित यह आक्रोश रैली न केवल जैन समाज की एकजुटता का प्रतीक होगी, बल्कि यह सरकार को तीर्थ स्थलों और साधु-संतों की सुरक्षा को लेकर कठोर कदम उठाने का स्पष्ट संदेश भी देगी। बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और समाजजनों ने रैली को सफल बनाने हेतु समर्पित भाव से तैयारी आरंभ कर दी है।

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