न्यूयॉर्क–जैन कनेक्ट संवाददाता | विश्व शांति, अहिंसा और मानवीय मूल्यों की अलख जगाने वाले आचार्य डॉ. लोकेश को संयुक्त राष्ट्र और न्यूयॉर्क स्टेट काउंटी द्वारा भव्य सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान समारोह न्यूयॉर्क में आयोजित हुआ, जहां उन्हें सम्मान-पत्र, सम्मान चिन्ह और शॉल भेंट की गई। उन्होंने इसे संपूर्ण भारतीय संस्कृति, भगवान महावीर और ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना का सम्मान बताया।
🌍 मानवता के लिए वैश्विक सम्मान विश्व शांति और अहिंसा के क्षेत्र में योगदान के लिए आचार्य लोकेश को संयुक्त राष्ट्र और न्यूयॉर्क स्टेट काउंटी ने सम्मानित किया।
🇮🇳 भारत की सांस्कृतिक विरासत का गौरव आचार्य ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि भारत की प्राचीन संस्कृति और भगवान महावीर के विचारों का है।
🕊️ वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश उन्होंने वैश्विक मंच पर ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना को पुनः दोहराया, जो भारत की पहचान है।
🤝 धर्मों में समरसता की आवश्यकता उन्होंने कहा कि धर्मों के बीच सामंजस्य और सहकार्य से ही सच्ची विश्व शांति संभव है।
🌱 विकास का आधार बने अध्यात्म धर्म को यदि अध्यात्म के आधार पर समझा जाए तो यह विकास का माध्यम बन सकता है, बाधा नहीं।
💬 संवाद से समाधान संभव हर समस्या का समाधान संवाद, सहिष्णुता और विचारों के आदान-प्रदान से किया जा सकता है।
💖 घृणा नहीं, सह-अस्तित्व की भावना दूसरों की मान्यताओं का सम्मान करना ही सच्चे मानवता की दिशा में पहला कदम है।
🏛️ न्यूयॉर्क स्टेट काउंटी का सम्मान कार्यकारी निदेशक ब्रूस ब्लैकमैन ने आचार्य को अंतरधार्मिक संवाद का सशक्त वाहक बताया।
🌐 संयुक्त राष्ट्र की सराहना संयुक्त राष्ट्र में गिनी के राजदूत ने उन्हें वैश्विक शांति और संवाद के क्षेत्र में उम्मीद की किरण बताया।
🙌 प्रवासी भारतीयों ने जताया गर्व श्री करमजीत सिंह ढिल्लों, डॉ. राज भयानी, मुकेश मोदी आदि ने आचार्य की सराहना की और भारतीय गौरव की अनुभूति की।
इस सम्मान के माध्यम से भारत की अध्यात्मिक विरासत और संस्कृति को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिली है। आचार्य लोकेश ने अपने कार्यों से सिद्ध किया है कि शांति, संवाद और अहिंसा से ही विश्व को एक बेहतर दिशा दी जा सकती है।

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