इंदौर में संतों का ऐतिहासिक समागम : भक्ति रस में डूबा नगर

इंदौर-जैन कनेक्ट संवाददाता | इंदौर के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया जब महावीर बाग से गांधी नगर स्थित सुमतिधाम तक जैन संतों के मंगल प्रवेश जुलूस का भव्य आयोजन हुआ। तपती धरती पर सैकड़ों संतों का पदविहार, हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ और भक्ति से गूंजता वातावरण—सभी ने मिलकर इस आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। सुबह 5 बजे से ही श्रद्धालु मार्ग पर सजधज कर तैयार थे और जगह-जगह गुरुओं के स्वागत हेतु मंच सजाए गए थे।

🌅 संतों का भव्य मंगल प्रवेश महावीर बाग से सुमतिधाम तक संतों का ऐतिहासिक जुलूस निकला, जिसने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से भर दिया।

🏳️ धर्मध्वजा और प्रतीक चिह्नों से सजा वातावरण जैन धर्म के प्रतीक झंडों, ऊंट, घोड़ों, बग्घियों और हाथियों के साथ निकले जुलूस ने वातावरण को पावन कर दिया।

👶 हर उम्र के श्रद्धालुओं की भागीदारी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने झंडे थामे, मंगल गीत गाए और संतों का स्वागत किया।

🎉 किन्नर समाज की ऐतिहासिक भागीदारी पहली बार किन्नर समाज ने भी आयोजन में भाग लेकर संतों का अभिनंदन किया।

🚗 विंटेज कारों का आकर्षक काफिला शोभायात्रा में विंटेज कारों की लंबी कतार ने आयोजन में भव्यता का नया आयाम जोड़ा।

🌸 तोपों से कागजी फूलों की वर्षा मार्ग में जगह-जगह तोपों से कागजी फूल बरसाकर संतों का स्वागत किया गया।

🍛 360 चौकों पर संतों की आहारचर्या सुमतिधाम पर संतों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था की गई, जहां प्रतिदिन आहारचर्या संपन्न हो रही है।

📝 देशभर से श्रद्धालुओं का पंजीकरण देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने भोजन और आवास हेतु पंजीकरण कर आयोजन में भागीदारी सुनिश्चित की।

🧘 प्रमुख आचार्यों का सान्निध्य देशना मंडप में आचार्य विशुद्ध सागर, गणाचार्य पुष्पदंत सागर और आचार्य प्रज्ञा सागर सहित कई संत विराजमान हुए।

📈 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान छह दिवसीय पट्टाचार्य महोत्सव में लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना व्यक्त की गई है।

संक्षेप में, इंदौर का यह संत समागम न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि भक्ति, एकता और जैन संस्कृति की भव्यता का अद्भुत उदाहरण भी बना। सुमतिधाम पर हो रहे इस आयोजन ने देशभर से श्रद्धालुओं को एक सूत्र में बांध दिया है, और आने वाले वर्षों के लिए एक नई प्रेरणा स्थापित की है।

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