इंदौर – जैन कनेक्ट संवाददाता | इंदौर के कालानी नगर में रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार 388 जैन संतों का महामिलन हुआ। श्री सुमतिनाथ दिगंबर जिनालय में आयोजित 6 दिवसीय पट्टाचार्य महोत्सव का शुभारंभ भव्य मंगल प्रवेश जुलूस के साथ हुआ। महावीर बाग से शुरू हुए इस जुलूस में हजारों भक्तगण, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए। पूरे शहर में जय-जय गुरुदेव के जयघोष गूंजे और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
🛕 श्री सुमतिनाथ जिनालय में 6 दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ 27 अप्रैल से 2 मई तक चलने वाला पट्टाचार्य महोत्सव भक्ति और भव्यता के संगम का साक्षी बना।
🚩 388 संतों का ऐतिहासिक महामिलन पहली बार इंदौर में 12 आचार्य, 8 उपाध्याय, 140 मुनि, 123 आर्यिका माता जी सहित कुल 388 संत एकत्र हुए।
🎉 भव्य मंगल प्रवेश जुलूस 7 किलोमीटर लंबे मार्ग पर निकले जुलूस में हाथी, घोड़े, ऊंट, बग्घियाँ, विंटेज कार और नासिक के ढोलों ने शोभा बढ़ाई।
👳♂️ समग्र जैन समाज की उत्साहपूर्ण भागीदारी समाजजन और अन्य संगठनों ने मंचों से संतों का भव्य स्वागत किया।
🙏 गुरू भक्तों का भावपूर्ण स्वागत गुरू भक्त परिवारों ने आचार्यश्री और अन्य संतों की अगवानी बड़े श्रद्धाभाव से की।
🪔 देशना मंडप का लोकार्पण एवं कार्यक्रमों की शुरुआत सुमति धाम पर देशना मंडप का लोकार्पण, दीप प्रज्वलन, चित्र अनावरण जैसे कई कार्यक्रम संपन्न हुए।
🛖 65 एकड़ में भव्य आयोजन एयर कंडीशन कॉटेज, ज्ञानशाला, विराग उदय, शास्त्र प्रदर्शनी जैसी अद्भुत व्यवस्थाएं की गईं।
🌍 देश-विदेश से श्रद्धालुओं का आगमन 28 राज्यों और विदेशों से आए गुरू भक्तों ने सुमति धाम पर पहुँचकर अपना स्थान सुनिश्चित किया।
🍽️ 360 चौकों में संतों की आहारचर्या सुमति धाम पर 360 चौके लगाए गए, जहाँ प्रतिदिन संतों की आहारचर्या संपन्न होगी।
🕺 रात्रि में नृत्य नाटिका और लेजर शो रात में भगवान आदिनाथ के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिका और लेजर शो ने भक्तों को भावविभोर कर दिया।
संक्षेप में, इंदौर के सुमति धाम पर आयोजित पट्टाचार्य महोत्सव में श्रद्धा, भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ऐतिहासिक महामिलन ने जैन समाज के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आयोजन को अद्वितीय बना दिया।

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