अलवर – जैन कनेक्ट संवाददाता | राजस्थान के अलवर जिले के खेड़ली कस्बे की रहने वाली हिमानी जैन ने यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और मजबूत इरादों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। जन्म से दृष्टिहीन हिमानी ने 12वीं कक्षा (कला वर्ग) में 92.20% अंक प्राप्त कर पूरे क्षेत्र में प्रेरणा की मिसाल कायम की है। हिमानी की सफलता पर न सिर्फ परिवार, बल्कि पूरा कस्बा गर्व महसूस कर रहा है।
🎓 बिना ट्यूशन के हासिल की शानदार सफलता हिमानी ने कभी ट्यूशन नहीं लिया, बल्कि स्कूल में अध्यापकों द्वारा पढ़ाई गई बातों को ध्यान से सुनकर स्व-अध्ययन से यह मुकाम हासिल किया।
📖 10वीं में भी दिखाया था कमाल इससे पहले 10वीं कक्षा में हिमानी ने 85% अंक अर्जित किए थे, जो उनकी निरंतर मेहनत का प्रमाण है।
👨👩👧 पिता चलाते हैं आइसक्रीम पार्लर हिमानी के पिता उमेश जैन एक छोटा आइसक्रीम पार्लर चलाते हैं और परिवार की सीमित आय में भी उन्होंने बेटी के सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया।
👩🍳 माँ बनीं सबसे बड़ी प्रेरणा गृहिणी पूनम जैन ने हिमानी की पढ़ाई में हर कदम पर सहयोग दिया और भावनात्मक संबल बनीं।
🎉 सफलता पर घर में जश्न का माहौल रिजल्ट आते ही पूरे परिवार ने मिठाइयाँ बांटी और पड़ोसियों ने आकर बधाइयाँ दीं।
💬 हर छात्र के लिए बनी मिसाल हिमानी की कहानी उन छात्रों के लिए प्रेरणा है जो किसी न किसी शारीरिक या सामाजिक चुनौती का सामना कर रहे हैं।
📚 अगली पढ़ाई भी जारी रखेंगी हिमानी हिमानी ने कहा है कि वह पढ़ाई नहीं छोड़ेगी और उच्च शिक्षा प्राप्त करने का लक्ष्य रखती हैं।
🏆 सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को अपनी उपलब्धि का पूरा श्रेय हिमानी ने अपने माता-पिता, दादी, चाचा-चाची और शिक्षकों को दिया है।
🌟 हिम्मत को गांव वालों ने किया सलाम गांव की चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक हिमानी की तारीफ़ हो रही है। लोग घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं।
🗣️ हौसलों ने बनाई नई राह हिमानी ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में दृढ़ संकल्प हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद बनते चले जाते हैं।
हिमानी जैन की प्रेरणादायक सफलता इस बात का प्रमाण है कि कोई भी कठिनाई इंसान की राह नहीं रोक सकती, अगर इरादे मजबूत हों। दृष्टिहीन होते हुए भी उन्होंने न सिर्फ पढ़ाई की, बल्कि समाज के लिए एक नई उम्मीद का चिराग जलाया है।

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