हेमचंद जैन का निधन: गांधीवादी मूल्यों के संवाहक !

सागर – जैन कनेक्ट संवाददाता | सागर नगर ने एक गांधीवादी विचारधारा के प्रखर प्रतिनिधि, समाजसेवी और कांग्रेस नेता हेमचंद जैन ‘हिम्मा कक्का’ को खो दिया है। 85 वर्षीय हेमचंद जैन का निधन शुक्रवार 9 मई को हो गया। उन्होंने अपने जीवनकाल में देहदान की घोषणा कर समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। शनिवार 10 मई को सुबह 9 बजे उनके पार्थिव शरीर को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) को सौंपा जाएगा। यह गौरवपूर्ण क्षण इसलिए भी विशेष है क्योंकि उनके छोटे भाई ने भी दो वर्ष पूर्व बीएमसी को देहदान किया था।

हेमचंद जैन का जीवन पदयात्रा, पर्यावरण संरक्षण, साहित्य सेवा और समाज के लिए समर्पित रहा। उन्होंने न सिर्फ राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई, बल्कि जैन समाज और शैक्षिक संस्थाओं में भी अपनी सहभागिता से सबको प्रेरित किया। उनके पुत्र मनोज जैन टिन्नू ने बताया कि उनके पिता ने वर्षों पहले ही देहदान की मंशा स्पष्ट कर दी थी।

🔸 🧡 प्रेरणादायक देहदान हेमचंद जैन ने अपने जीवनकाल में देहदान की इच्छा जताई थी, जिसे परिवार ने पूर्ण सम्मान के साथ साकार किया।

🔸 👬 परिवार की अद्वितीय मिसाल उनके छोटे भाई इंजीनियर प्रकाशचंद जैन ने भी पहले देहदान किया था, जिससे यह सागर का पहला ऐसा परिवार बन गया, जिसने दो बार देहदान किया।

🔸 🕊️ गांधीवादी मूल्यों का पालन जैन सदैव गांधीवादी विचारों और शांति के मार्ग पर चलते रहे, उन्होंने पदयात्राओं और स्वच्छता अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाई।

🔸 🗳️ राजनीति में सक्रिय योगदान वे कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता रहे और स्व. विट्ठलभाई पटेल के विश्वासपात्र मित्र के रूप में अनेक आंदोलनों में भाग लिया।

🔸 🏫 शैक्षणिक संस्थाओं में योगदान वे विश्वभारती विद्यालय, जनता स्कूल कमेटी और बाल भारती स्कूल से जुड़े रहे और कई पदों पर कार्यरत रहे।

🔸 📚 साहित्य और पर्यावरण प्रेम जैन साहित्यिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे और पर्यावरण जागरूकता को लेकर सदैव सजग रहे।

🔸 💼 व्यवसाय के साथ सामाजिक सेवा भिलाई इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन में कार्य के बाद वे सागर लौटे और व्यापार के साथ समाज सेवा में जुटे।

🔸 🛕 जैन समाज के लिए समर्पण वे जैन समाज की कई संस्थाओं में पदाधिकारी रहे और समुदाय के विकास के लिए काम किया।

🔸 🚮 स्वच्छता आंदोलन में योगदान उन्होंने 565 दिन तक चले सफाई अभियान में हिस्सा लिया और स्वच्छता को सामाजिक आंदोलन का रूप दिया।

जैन का जीवन समाज, शिक्षा, संस्कृति और सेवा के लिए समर्पित रहा और उन्होंने अंत तक सक्रिय योगदान दिया।

हेमचंद जैन का जीवन समाज के प्रति सेवा, त्याग और प्रेरणा का प्रतीक रहा। उनकी देहदान की पहल आने वाली पीढ़ियों को मानवता का पाठ पढ़ाएगी। वे अपने कर्मों से अमर रहेंगे।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*