नई दिल्ली – जैन कनेक्ट संवाददाता | भारत की अग्रणी एजुकेशन फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म GyanDhan ने अमन जैन को सह-संस्थापक (Co-founder) पद पर पदोन्नत कर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अमन जैन की इस भूमिका को उनकी वर्षों की प्रतिबद्धता, मार्केटिंग और ब्रांड निर्माण में अग्रणी योगदान तथा रणनीतिक विकास में सक्रिय भूमिका को देखते हुए सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। अब वे अंकित मेहरा और जैनेश सिन्हा के साथ तीसरे सह-संस्थापक के रूप में GyanDhan का नेतृत्व करेंगे।
👇 आइए जानते हैं इस उपलब्धि से जुड़ी प्रमुख बातें :
💼 अमन जैन को सह-संस्थापक पद पर पदोन्नति GyanDhan ने अमन जैन को उनके प्रारंभिक योगदान और रणनीतिक नेतृत्व को मान्यता देते हुए Co-founder के रूप में नामित किया।
📈 शुरुआती दौर से ही जुड़ाव अमन उस समय GyanDhan से जुड़े जब कंपनी ने अपना पहला एजुकेशन लोन तक वितरित नहीं किया था, और तब से निरंतर इसे आगे बढ़ाने में भूमिका निभा रहे हैं।
📢 ब्रांड निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान उन्होंने मार्केटिंग और ब्रांडिंग की जिम्मेदारी संभालते हुए GyanDhan को छात्रों का भरोसेमंद नाम बना दिया।
🌐 रणनीतिक साझेदारियाँ विकसित कीं हाल के वर्षों में अमन ने कंपनी के B2B नेटवर्क को 30+ शहरों में फैलाया और SaaS+ प्लेटफॉर्म की शुरुआत की।
🎓 शिक्षा ऋण प्रक्रिया को बनाया पारदर्शी अमन ने एक जटिल और अपारदर्शी प्रक्रिया को छात्रों के लिए सरल, पारदर्शी और सशक्त अनुभव में परिवर्तित किया।
🤝 संस्थापकों के साथ घनिष्ठ जुड़ाव उन्होंने कहा, “GyanDhan को अंकित और जैनेश के साथ बनाना एक प्रेरणादायक और विश्वास से भरा अनुभव रहा है।”
💰 सीरीज ए राउंड में जुटाए 50 करोड़ रुपये कंपनी ने हाल ही में Classplus और Pravega Ventures से ₹50 करोड़ का निवेश प्राप्त किया है।
🏦 7000 करोड़ रुपये से अधिक के लोन उत्पत्ति में सहयोग अब तक GyanDhan ने ₹7,000 करोड़ से अधिक की लोन उत्पत्ति में मदद की है और अगले तीन वर्षों में इसे ₹18,000 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है।
📊 FY24 में मुनाफे के साथ कारोबार वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी ने ₹21.4 करोड़ की परिचालन आय और ₹1.36 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया।
🎯 एजुकेशन फाइनेंसिंग में अग्रणी बनने का संकल्प GyanDhan का लक्ष्य है एजुकेशन फाइनेंसिंग के क्षेत्र में छात्रों के लिए सबसे भरोसेमंद और तकनीक-सक्षम मंच बनना।
अमन जैन की सह-संस्थापक के रूप में नियुक्ति केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण, नवाचार और सतत विकास के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की स्वीकृति है। GyanDhan की यह नई यात्रा एजुकेशन फाइनेंसिंग में नए प्रतिमान स्थापित करने की ओर एक और बड़ा कदम है।

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