कोरबा में दिगंबर जैन मंदिर का स्वर्ण जयंती स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया

कोरबा-जैन कनेक्ट संवाददाता | कोरबा के बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को श्रद्धा और उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला, जहां मंदिर की 50वीं स्थापना वर्षगांठ के साथ-साथ अष्टान्हिका महापर्व के अंतर्गत श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान का छठा दिन विधिवत पूर्ण किया गया। इस धार्मिक आयोजन में देशभर से श्रद्धालु पहुंचे और इंद्रध्वनि, भजनों और पूजन से वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में आर्यिका श्री 105 आदर्शमति माताजी के संघ की चार आर्यिकाओं के सान्निध्य ने विशेष आध्यात्मिक गरिमा जोड़ी।

🌟 पचास वर्षों की आध्यात्मिक यात्रा का उत्सव दिगंबर जैन मंदिर कोरबा के 50वें स्थापना दिवस को भक्तिभाव, दीपमालिका और भक्तांबर पाठ के साथ मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

🕉️ सिद्धचक्र महामंडल विधान का छठा दिन संपन्न अष्टान्हिका महापर्व के अंतर्गत सिद्धचक्र विधान के छठे दिन 256 अर्घों के साथ विशेष पूजन संपन्न हुआ, जो धार्मिक उत्सव का मुख्य आकर्षण रहा।

👳‍♀️ आर्यिकाओं का पावन सान्निध्य कार्यक्रम में आर्यिका श्री 105 आदर्शमति, अखंडमति, अभेदमति व ध्यानमति माताजी ने अपने उपदेश और उपस्थिति से श्रद्धालुओं को आत्मिक प्रेरणा प्रदान की।

🛕 प्रभु अभिषेक, शांति धारा और पूजन प्रातः श्री जी का अभिषेक, शांति धारा और पूजन विधिवत रूप से संपन्न हुआ, जिससे भक्तों में दिव्यता का अनुभव हुआ।

🌺 128 अर्घों से पूजन का विशेष आयोजन स्थापना दिवस के अवसर पर 128 अर्घों से पूजन कर जैन परंपरा का अनुसरण किया गया, जिसे सभी ने श्रद्धा से संपन्न किया।

🎤 गीत-संगीत से सजी सिद्धचक्र सभा दुर्ग से पधारे विधानाचार्य ब्रह्मचारी अंकित जैन ने मधुर भजनों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

🎶 संगीतकार अंशुल जैन और ग्रुप की प्रस्तुति संगीतकार अंशुल जैन और सागर के म्यूजिकल ग्रुप ने श्रीजी के भजनों की सुंदर प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।

👑 सौधर्म इंद्र सभा का भव्य आयोजन सौधर्म इंद्र की सभा में इंद्र-इंद्राणियों ने गीत-संगीत पर झूमते हुए नृत्य कर आयोजन को दिव्यता प्रदान की।

🪔 आरती, भजन और नृत्य में उमड़ा जनसैलाब शाम को श्रीजी की आरती, भजन व नृत्य कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए और भावपूर्ण भक्ति का प्रदर्शन किया।

👥 समिति की सक्रिय भागीदारी जैन मिलन समिति के पदाधिकारियों, कार्यकारिणी सदस्यों, महिलाओं व पुरुषों ने आयोजन को सफल बनाने में उत्साहपूर्वक योगदान दिया।

यह आयोजन न केवल मंदिर की पचास वर्षों की धर्मसेवा को श्रद्धांजलि था, बल्कि समाज को एक बार फिर संयम, श्रद्धा और संस्कृति की ओर प्रेरित करने वाला पर्व बन गया।

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