देवबंद में आचार्य अरुण सागर जी महाराज के मंगल आगमन पर कलश स्थापना

देवबंद–जैन कनेक्ट संवाददाता | देवबंद स्थित श्री दिगंबर जैन पारसनाथ मंदिर, सरागवाड़ा में चातुर्मास के शुभारंभ की तैयारियों के बीच एक भव्य धार्मिक आयोजन में आचार्य श्री 108 अरुण सागर जी महाराज का मंगलमय स्वागत किया गया। चातुर्मास निवेदन के साथ श्रद्धा, भक्ति और परंपरा का संगम देखने को मिला। भव्य कलश स्थापना समारोह, शांतिधारा और अभिषेक जैसे अनेक कार्यक्रमों में देवबंद सहित आसपास के शहरों से भारी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए।

🛕 चातुर्मास की विधिवत शुरुआत श्री दिगंबर जैन पारसनाथ मंदिर में चातुर्मास का निवेदन कर आचार्य श्री का स्वागत किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास व्याप्त हो गया।

🪔 भक्तामर महामंगल विधान और शांतिधारा सुबह भक्तामर महामंगल विधान, श्रीजी का अभिषेक व शांति धारा जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

🥁 तेज पैलेस में हुआ मंगल कलश स्थापना समारोह कलश स्थापना समारोह का आयोजन तेज पैलेस में हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण सहभागिता दिखाई।

🚩 ध्वजारोहण का सौभाग्य तीन परिवारों को महेश चंद, अजय कुमार और संजय जैन परिवार ने मिलकर ध्वजारोहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

🏺 मुख्य कलश स्थापना का सौभाग्य सतीश जैन परिवार को मुख्य कलश स्थापना का विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिससे वातावरण में उत्सव का भाव और गहराया।

📿 वर्षायोग समिति व आराध्य धाम कलश स्थापना णमोकार महामंत्र कलश की स्थापना रविंद्र, रजत और सजल जैन परिवार ने की, वहीं संयम जैन परिवार ने मंच का उद्घाटन किया।

🖼️ चित्र अनावरण में भक्ति भाव डॉ. संजीव प्रत्यूष जैन परिवार द्वारा भगवान महावीर स्वामी का चित्र व अंकुर जैन परिवार द्वारा आचार्य पुष्पदंत सागर जी का चित्र अनावरण किया गया।

🙏 राज्य मंत्रियों का चरण पूजन यूपी के राज्य मंत्री जसवंत सैनी और कुंवर बृजेश सिंह ने महाराज श्री को श्रीफल समर्पित कर चरण पद प्रक्षालन किया।

👨‍👩‍👧‍👦 विभिन्न शहरों से श्रद्धालुओं की सहभागिता फरीदाबाद, सरसावा, मेरठ, मुजफ्फरनगर व देवबंद से सैकड़ों श्रद्धालु कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

🎶 महिलाओं का मंगलाचरण व महाआरती महिला जैन मिलन द्वारा भावपूर्ण मंगलाचरण किया गया, वहीं आकाश, अभिषेक और प्रखर जैन परिवार ने महाआरती की। मंच संचालन पुनीत व मनोज जैन ने किया।

देवबंद में आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने जैन समाज की आस्था, एकता और परंपराओं की गरिमा को पुनः उजागर किया। आचार्य श्री के सान्निध्य में हुए मंगल कार्यक्रम ने समस्त समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिसिंचित किया।

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