देलवाड़ा जैन मंदिर में सघन सुरक्षा जांच: ईआरटी टीम ने दिए अहम सुझाव

माउंट आबू – जैन कनेक्ट संवाददाता | राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थस्थल माउंट आबू स्थित देलवाड़ा जैन श्वेतांबर मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जोधपुर से आई ईआरटी (आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम) ने विशेष जांच अभियान चलाया। यह निरीक्षण वर्तमान वैश्विक व स्थानीय सुरक्षा चुनौतियों के परिप्रेक्ष्य में किया गया, जिससे श्रद्धालुओं और तीर्थ क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राजस्थान सशस्त्र पुलिस की इस टीम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक किशोर सिंह ने किया, जिसमें मंदिर के हर संवेदनशील स्थान की बारिकी से जांच की गई। मंदिर प्रबंधन से संवाद करते हुए, टीम ने सुरक्षा सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।

🔹 नीचे दिए गए हैं इस सुरक्षा निरीक्षण से जुड़ी प्रमुख बातें:

🔍 ईआरटी टीम का मंदिर में व्यापक निरीक्षण जोधपुर से आई ईआरटी की टीम ने देलवाड़ा जैन श्वेतांबर मंदिर की सुरक्षा का बारीकी से निरीक्षण किया।

🧭 मंदिर के संवेदनशील कोनों की जांच टीम ने मंदिर परिसर के प्रत्येक कोने, विशेषकर संवेदनशील बिंदुओं की जांच की और स्थिति का आकलन किया।

🚶 कुंवारी कन्या से लाल मंदिर तक पैदल गश्त सुरक्षा टीम ने पैदल चलकर मंदिर के पीछे स्थित इलाकों की सुरक्षा स्थिति का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।

🧱 क्षतिग्रस्त कंपाउंड वॉल का निरीक्षण मंदिर की पीछे की ओर स्थित टूटी दीवार को टीम ने सुरक्षा में संभावित खतरे के रूप में चिह्नित किया।

🔗 ऊंची दीवार और तार फेंसिंग की सिफारिश टीम ने सुझाव दिया कि मंदिर की दीवार की ऊंचाई बढ़ाकर उसमें तारबंदी की जाए।

📋 रिपोर्ट सौंपी गई आतंकवाद दस्ते को मंदिर प्रबंधक ने सभी निरीक्षणों की रिपोर्ट जोधपुर के आतंकवाद निरोधक दस्ते को भेज दी है।

📅 आगामी बैठक की रूपरेखा इस संबंध में आगामी माह में सिरोही जिलाधीश एवं ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है।

🤝 मंदिर प्रबंधन का सक्रिय सहयोग मंदिर प्रबंधक गोरधन सिंह ने सुरक्षा दल को समुचित जानकारी और सहयोग प्रदान किया।

🔒 सुरक्षा बढ़ाने की प्राथमिकता पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तीर्थ स्थलों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

🌐 तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि यह निरीक्षण सुनिश्चित करता है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु पूर्ण सुरक्षा में दर्शन कर सकें।

देलवाड़ा जैन मंदिर की सुरक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस गंभीर है और इसी के अंतर्गत ईआरटी द्वारा की गई यह जांच एक सकारात्मक कदम है। उम्मीद है कि निकट भविष्य में सुझावों के अनुसार कार्रवाई कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।

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