देलवाड़ा जैन मंदिर में शुरू हुआ वार्षिकोत्सव !

माउंट आबू-जैन कनेक्ट संवाददाता | राजस्थान के माउंट आबू स्थित विश्वप्रसिद्ध देलवाड़ा जैन मंदिर में 993वें वार्षिकोत्सव और ध्वजारोहण महोत्सव की भव्य शुरुआत हो गई है। यह पावन आयोजन 28 मई से 30 मई तक चलेगा। पहले दिन लूणवसही और पित्तलहार जिनालय में 18 अभिषेक की महापूजा सम्पन्न हुई, जिसमें देशभर से आए श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

🛕 18 अभिषेक की भव्य महापूजा पहले दिन लूणवसही और पित्तलहार जिनालय में प्रभु के 18 अभिषेक किए गए, जो शुद्धता और श्रद्धा का प्रतीक रहे।

🙏 45 वर्षों से आ रहे गोलेछा परिवार अहमदाबाद के रिखाबचंद गोलेछा परिवार पिछले 45 वर्षों से इस उत्सव में भाग ले रहे हैं और पित्तलहार ध्वजा के लाभार्थी भी हैं।

🎉 तीर्थ सेवा के लिए प्रेरणा गोलेछा परिवार ने तीर्थ कर्मचारियों और व्यवस्थापक पेढ़ी को भक्ति भावना से प्रेरित किया और सेवा की सराहना की।

🏨 श्रद्धालुओं के लिए उत्तम व्यवस्था सेठ कल्याणजी परमानंदजी पेढ़ी ने श्रद्धालुओं के लिए आवास और भोजन की निशुल्क एवं समुचित व्यवस्था की है।

🎨 आंगी दर्शन की अनुपम सजावट वडोदरा के उदित भाई के आंगी दर्शन ग्रुप ने प्रभु की अंगरचना अमूल्य धातु के वर्क से सजाकर अद्वितीय छवि प्रस्तुत की।

🎶 संगीत से सजी प्रभु भक्ति गुंटूर के संगीतकार विलेश भाई ने लूणवसही जिनालय में नेमीनाथ भगवान की भक्ति से संगीतमय वातावरण बनाया।

📜 ‘देलवाड़ा बुलावे छे’ से जागरूकता अमित भाई सालेचा ने अपने भक्ति संदेश ‘देलवाड़ा बुलावे छे’ से मंदिर के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को बताया।

🗓️ सेवा-पूजा का वार्षिक संकल्प सालेचा ने सभी जैन श्रद्धालुओं से वर्ष में कम से कम एक बार देलवाड़ा तीर्थ की सेवा-पूजा का आग्रह किया।

🧘 आध्यात्मिक शुद्धिकरण का प्रतीक दूसरे दिन विमल वसही, महावीर स्वामी और खरतर वसही जिनालय में 18 अभिषेक होंगे, जो आत्मिक शुद्धता के प्रतीक हैं।

🌍 देशभर से उमड़े श्रद्धालु इस तीन दिवसीय आयोजन में गुजरात, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही।

देलवाड़ा का यह वार्षिकोत्सव जैन धर्म की भक्ति, सेवा और संयम परंपरा का जीवंत उदाहरण है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को बल देता है, बल्कि तीर्थ क्षेत्र की समृद्ध परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी संजोए रखने का कार्य करता है।

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