टीकमगढ़ – जैन कनेक्ट | पारसनाथ दिगंबर जैन बाजार मंदिर, टीकमगढ़ में मंगलवार को मुनि सौम्य सागर और मुनि जयंत सागर महाराज का चातुर्मास शुभारंभ हुआ। दोपहर 3 बजे जैन समाज द्वारा मंगल कलश की स्थापना की गई, जिसके साथ ही वातावरण भक्तिमय हो गया। चातुर्मास के अवसर पर समाजजनों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
🪔 मंगल कलश स्थापना से हुआ शुभारंभ समारोह की शुरुआत दोपहर 3 बजे मंगल कलश स्थापना से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
📿 चातुर्मास का महत्व समझाया धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने बताया कि चातुर्मास में साधु एक स्थान पर रहकर तप, ध्यान और साधना करते हैं।
🌧 वर्षा ऋतु में जीवदया की परंपरा इस परंपरा का उद्देश्य वर्षा ऋतु में सूक्ष्म जीवों की रक्षा करना है, इसलिए साधु इस अवधि में यात्रा नहीं करते।
🧘 संकटों को हरने वाला गुरु मुनि सौम्य सागर ने कहा कि गुरु की उपस्थिति में शिष्य के सभी संकट समाप्त हो जाते हैं, इसलिए सम्यक गुरु का चयन आवश्यक है।
🕉 अच्छे कर्मों की प्रेरणा मुनियों ने श्रद्धालुओं को अच्छे कर्म करने और जीवन में संयम अपनाने की सलाह दी।
🎶 बच्चों की प्रस्तुति ने मोहा मन धार्मिक गीतों पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए नृत्य ने सभी का मन मोह लिया।
🌺 महिलाओं ने की आरती और पूजा समाज की महिलाओं ने महाराज की आरती उतारकर भक्ति भाव से पूजा अर्चना की।
🥥 नगर पालिका अध्यक्ष की उपस्थिति नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने मुनियों को नारियल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
👥 श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति कार्यक्रम में जैन समाज के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने साधु भगवंतों के प्रवचनों का लाभ लिया।
🛕 टीकमगढ़ बनी धर्म नगरी मुनि श्री की उपस्थिति से टीकमगढ़ का वातावरण आध्यात्मिक और पुण्यमय हो गया है।
चातुर्मास के इस शुभ अवसर ने जैन समाज को एकत्र होकर साधना, संयम और सेवा का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। मुनि सौम्य सागर और जयंत सागर महाराज की उपस्थिति से टीकमगढ़ में धर्ममय वातावरण का संचार हुआ है।

Leave a Reply