हुबली-जैन कनेक्ट संवाददाता | इस वर्ष बेंगलूरु में आयोजित होने जा रहा उप प्रवर्तक नरेश मुनि का चातुर्मास आयोजन उत्तर कर्नाटक के श्रावक-श्राविकाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 7 जुलाई को सुबह 9 बजे चातुर्मास प्रवेश के साथ आरंभ होने वाले इस भव्य आयोजन में उत्तर कर्नाटक के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। आयोजन का केंद्र ईटीए गार्डन अपार्टमेंट, केपी अग्रहारा, ओल्ड हनुमंतपुरा स्थित गुरु ज्येष्ठ पुष्कर जैन आराधना केंद्र होगा। चार महीने तक चलने वाले इस चातुर्मास में प्रतिदिन धार्मिक गतिविधियों के साथ विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
📿 7 जुलाई को होगा मंगल चातुर्मास प्रवेश उप प्रवर्तक नरेश मुनि का चातुर्मास प्रवेश 7 जुलाई को सुबह 9 बजे बेंगलूरु में संपन्न होगा।
🛕 चातुर्मास स्थल: गुरु ज्येष्ठ पुष्कर जैन आराधना केंद्र चातुर्मास आयोजन ओल्ड हनुमंतपुरा स्थित जैन आराधना केंद्र में होगा, जहां अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहेंगे।
🙏 श्रावक-श्राविकाओं का उमड़ेगा जनसैलाब उत्तर कर्नाटक के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में चातुर्मास में भाग लेने बेंगलूरु पहुंचेंगे।
🗣️ 10 जुलाई से नियमित धार्मिक आयोजन प्रवचन, वाचना, प्रतिक्रमण सहित विभिन्न धार्मिक क्रियाएं 10 जुलाई से आरंभ होंगी।
🎉 3 अगस्त को नरेश जयंती एवं भिक्षुदया नरेश मुनि की जयंती पर भव्य भिक्षुदया का आयोजन किया जाएगा।
🎊 5 अक्टूबर को पुष्कर जयंती व गुरु गुणोत्सव पांच दिवसीय गुरु जयंती महोत्सव के साथ गुरु गुणोत्सव भी मनाया जाएगा।
📚 शास्त्र अध्ययन करने वालों को मिलेगा प्रोत्साहन भक्तामर, सूत्रपाठ, सूत्रकंठस्थ करने वाले श्रद्धालुओं को सम्मानित किया जाएगा।
🧘 योग-ध्यान, कपल व महिला शिविर का आयोजन चातुर्मास में विविध आयामों से युक्त ज्ञान, योग और साधना शिविर आयोजित किए जाएंगे।
🕊️ 20 अगस्त से पर्युषण पर्व की शुरुआत 27 अगस्त को संवत्सरी महापर्व तथा 28 अगस्त को सामूहिक क्षमापना का आयोजन होगा।
🔥 20 अक्टूबर को महावीर निर्वाणोत्सव चातुर्मास के अंतिम चरण में महावीर निर्वाणोत्सव, कृतज्ञता दिवस और परिवर्तन समारोह भी होंगे।
चातुर्मास 2024 का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहेगा, बल्कि आत्मशुद्धि, ज्ञानार्जन और सामाजिक एकता का अद्वितीय मंच भी सिद्ध होगा। श्रद्धालुओं के लिए यह एक आध्यात्मिक उत्सव बनकर आने वाले चार महीनों तक स्मरणीय रहेगा।

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