सिरसा में महासाध्वी स्वाति महाराज का चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश

सिरसा-जैन कनेक्ट संवाददाता | हरियाणा के सिरसा जिले के रानियां कस्बे में वीरवार को जैन धर्म की चातुर्मास परंपरा का अनुपम दृश्य देखने को मिला। महासाध्वी स्वर्ण कांता महाराज की पड़पौत्र शिष्या श्रुत भारती महासाध्वी स्वाति महाराज ठाणे-5 ने नगर में एसएस जैन सभा में चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश किया। नगरवासियों और श्रद्धालुओं ने जयकारों और श्रद्धा से उनका स्वागत किया। इस अवसर पर साध्वियों द्वारा धार्मिक प्रवचन, भजन व शास्त्र वाचन प्रस्तुत कर आध्यात्मिक वातावरण की सृष्टि की गई।

📿 पूर्व पार्षद के घर से प्रारंभ हुई पदयात्रा महासाध्वी स्वाति महाराज ने पूर्व पार्षद बलविन्द्र सिंह दयोल के घर से पदयात्रा प्रारंभ की।

🛕 भगत सिंह चौक से होते हुए पहुंचीं जैन सभा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए साध्वियां जैन सभा पहुंचीं, मार्ग में जगह-जगह स्वागत किया गया।

🙏 श्रावकों ने किया जयकारों से स्वागत श्रावक-श्राविकाओं ने “जय जिनेंद्र” के उद्घोष से साध्वियों का स्वागत किया।

🗣️ चातुर्मास में आत्मशुद्धि पर बल प्रवचन में महासाध्वी स्वाति महाराज ने कहा कि चातुर्मास के चार महीने आत्मा को तपस्या से शुद्ध करने के लिए होते हैं।

📚 चार माह जिन शासन का प्रचार साध्वी अर्चिता महाराज ने बताया कि जैन साधु-साध्वी वर्षा ऋतु में एक ही स्थान पर रुककर धर्म का प्रचार करते हैं।

🎶 साध्वी गुणांशी महाराज ने भजन प्रस्तुत किया समारोह में साध्वी गुणांशी महाराज ने मधुर भजन की प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

📖 साध्वी राधिका महाराज द्वारा शास्त्र वाचन धार्मिक ग्रंथों का वाचन करते हुए साध्वी राधिका महाराज ने धर्मार्थ ज्ञान की धारा प्रवाहित की।

🕊️ साध्वी वाचना महाराज का मंगल आशीर्वाद साध्वी वाचना महाराज ने मंगल वाणी से श्रद्धालुओं को शुभाशीर्वाद प्रदान किया।

👥 कई गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित समारोह में सुभाष जैन, संदीप जैन, विनोद जैन, मास्टर बूटा सिंह, सुरेन्द्र जैन, रविन्द्र जैन और एडवोकेट नरेश जैन समेत अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे।

🎤 श्रद्धालुओं ने भजनों से जताई श्रद्धा समारोह के अंत में श्रद्धालुओं ने सामूहिक भजन गाकर अपने भाव प्रकट किए और धर्म की भावना से ओतप्रोत हो गए।

सिरसा में आयोजित यह चातुर्मास प्रवेश समारोह न केवल जैन धर्म की समृद्ध परंपरा का परिचायक रहा, बल्कि नगरवासियों की श्रद्धा, सेवा भावना और धार्मिक एकता का भी अनुपम उदाहरण बना। आने वाले चार महीनों तक साध्वियों के सान्निध्य में सत्संग, प्रवचन व साधना के विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।

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