लुधियाना-जैन कनेक्ट संवाददाता | लुधियाना के सेक्टर-39 स्थित वर्धमान जैन भवन में रविवार को आध्यात्मिक उल्लास और जैन परंपरा के साथ महासती डॉ. पुनीत ज्योति जी का चातुर्मासिक प्रवेश संपन्न हुआ। यह आयोजन एसएस जैन बिरादरी द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से श्रद्धालुओं और जैन पदाधिकारियों ने भाग लिया। महासती श्री के सान्निध्य में धार्मिक उत्सव का वातावरण संपूर्ण क्षेत्र में व्याप्त रहा। भव्य शोभायात्रा, स्वागत गीत, प्रवचन और अभिनंदन से आयोजन दिव्य रूप में सम्पन्न हुआ।
🌸 आयम्बिल तप आराधिका का प्रवेश वर्धमान जैन भवन में महासती डॉ. पुनीत ज्योति जी का चातुर्मासिक प्रवेश हुआ, जो आयम्बिल तप की आराधिका, स्वर्ण संयम साधिका और पंजाब सिंहनी के रूप में जानी जाती हैं।
🧘♀️ गुरु परंपरा का अनुपालन यह आयोजन आचार्य सम्राट ध्यान योगी डॉ. शिव मुनि महाराज की आज्ञानुवर्ती महासती प्रवेश कुमारी और तपाचार्या महासती मोहन पाचार्याला माला की शिष्या के नेतृत्व में हुआ।
👑 तपसूर्या और प्रवचन सम्राज्ञी की उपस्थिति इस आध्यात्मिक अवसर पर तपसूर्या महासती निधि ज्योति और प्रवचन सम्राज्ञी महासती डॉ. मुक्ता (ठाणे-8) की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष बनाया।
🚩 शोभायात्रा का शुभारंभ शोभायात्रा की शुरुआत सेक्टर-38 से भारत भूषण जैन के निवास से हुई, जहां श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा निकाली और जयकारों से वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
🏫 विद्यालय में आत्मीय स्वागत शोभायात्रा वर्धमान जैन इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल पहुंची, जहां डॉ. संजीव जैन और स्कूल परिवार ने श्रद्धालुओं का जलपान और नाश्ते के साथ आत्मीय स्वागत किया।
🕉️ चातुर्मास प्रवेश की परंपरा निभाई वर्धमान जैन भवन में गुरुणी जी ने परंपरागत रूप से चातुर्मासिक प्रवेश कर धर्म सभा को संबोधित किया और तपश्चर्या की प्रेरणा दी।
🎶 स्वागत गीत और भजनों की प्रस्तुति श्री चन्दना युवती संघ की सदस्याओं ने स्वागत गीत और पूनम जैन ने भावपूर्ण भजन प्रस्तुत कर गुरुजनों को वंदन किया।
🪔 नवकार मंत्र से हुआ वातावरण पावन गार्गी जैन द्वारा नवकार महामंत्र की संगीतमय प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
🎤 संचालन में रहे अनूप जैन कार्यक्रम का संयोजन और संचालन अनूप जैन (महामंत्री, एसएस जैन बिरादरी) ने कुशलता से किया।
👥 प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति समारोह में उत्तरी जैन महासभा के अध्यक्ष प्रफुल्ल जैन, राष्ट्रीय प्रचार मंत्री संजय जैन, अध्यक्ष राजन जैन, रीचा जैन, अनिल जैन सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।
इस आध्यात्मिक आयोजन ने न केवल जैन समाज को एक सूत्र में बांधा, बल्कि तप, संयम और श्रद्धा का संदेश देते हुए चातुर्मास की पवित्रता को भी पुनः स्थापित किया। श्रद्धालुओं ने गुरुणी श्री के पावन सान्निध्य में आत्मिक लाभ प्राप्त किया।
Source : Dainik Bhaskar

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