मुनि सुधा सागर महाराज ने नाव से पार की नदी, कलेक्टर साइकिल से पहुंचे !

अशोकनगर–जैन कनेक्ट संवाददाता | मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में एक दुर्लभ दृश्य सामने आया जब जैन मुनि सुधा सागर महाराज ने नाव के माध्यम से सिंध नदी पार की। त्याग और तपस्या के प्रतीक मुनि श्री देशभर में पैदल यात्रा करते हैं, लेकिन इस बार परिस्थिति कुछ अलग थी। जैन समाज द्वारा चातुर्मास के निवेदन को स्वीकार करते हुए उन्होंने अशोकनगर में प्रवास का निर्णय लिया। बरखेड़ा गांव में जब उन्हें नदी पार करनी थी, तो समाज और प्रशासन ने मिलकर व्यवस्था की और उन्हें सुरक्षित पार कराया। यह दृश्य न केवल श्रद्धालुओं के लिए भावुक क्षण था, बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय भी बन गया।

📹 नाव में बैठकर नदी पार करते दिखे मुनि श्री वायरल वीडियो में जैन मुनि सुधा सागर महाराज नाव में बैठे सिंध नदी पार करते हुए नजर आए।

🙏 जैन समाज ने किया चातुर्मास का आग्रह समाजजन लंबे समय से मुनि श्री से अशोकनगर में चातुर्मास करने की प्रार्थना कर रहे थे, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

🎉 बरखेड़ा गांव में हुआ भावनात्मक स्वागत सोमवार को मुनि संघ के गांव पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और स्वागत किया।

🚤 NDRF और समाज की टीम ने मिलकर की नाव की व्यवस्था 100 मीटर लंबी नदी पर रस्सी बांधी गई और नाव के सहारे सुरक्षित पार करवाया गया।

🌐 देशभर में चर्चा में आया दृश्य त्यागमयी मुनि द्वारा नाव में यात्रा करना एक अपवादस्वरूप घटना मानी जा रही है, जो व्यापक चर्चा का विषय बनी।

🛶 पूर्व में भी किया था नाव का उपयोग 2018 में बेतवा नदी को पार करते समय भी मुनि श्री ने नाव का सहारा लिया था, जो उस समय भी सुर्खियों में रहा।

🚴‍♂️ कलेक्टर ने साइकिल से पहुंचकर लिया आशीर्वाद कलेक्टर आदित्य सिंह स्वयं साइकिल से बजरंगगढ़ पहुंचे और मुनि श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।

🕊️ श्रद्धालुओं का अनुशासित योगदान भारी संख्या में मौजूद अनुयायियों ने संयम और अनुशासन का परिचय देते हुए प्रशासन का सहयोग किया।

👮‍♂️ प्रशासन की तत्परता से टली बड़ी परेशानी नदी के तेज बहाव के कारण संकट की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसे प्रशासन और NDRF ने समय रहते नियंत्रित किया।

🌸 अशोकनगर को मिला धार्मिक सौभाग्य मुनि श्री का चातुर्मास जिले के लिए एक आध्यात्मिक पर्व के समान है, जिसे लेकर जैन समाज में गहरी उत्सुकता और श्रद्धा है।

यह घटना अशोकनगर जिले के धार्मिक और सामाजिक इतिहास में एक स्मरणीय क्षण बन गई है। मुनि श्री सुधा सागर महाराज का चातुर्मास यहां होना न केवल जैन समाज बल्कि पूरे जिले के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बनेगा। प्रशासन, समाज और अनुयायियों के सहयोग से यह आयोजन अनुकरणीय उदाहरण बनकर सामने आया है।

Source : NavBharat Times

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