भीलवाड़ा-जैन कनेक्ट संवाददाता | भीलवाड़ा में इस वर्ष ऐतिहासिक चातुर्मास आयोजन की तैयारी जोरों पर है। श्रमण संघीय जैन दिवाकरीय मालव सिंहनी पूज्या कमलावतीजी की सुशिष्या महासाध्वी डॉ. कुमुदलता म.सा. के मार्गदर्शन में होने वाले इस चातुर्मास से पूर्व, श्रीसंघ ने बही पार्श्वनाथ तीर्थ पर पहुंचकर दर्शन किए।
महासाध्वी कुमुदलता म.सा. के साथ साध्वी महाप्रज्ञा म.सा., साध्वी पद्मकीर्ति म.सा., साध्वी राजकीर्ति म.सा. आदि ठाणा 4 भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। श्रावक-श्राविकाओं में इस धार्मिक अवसर के प्रति भारी उत्साह देखा गया।
🔹 तीर्थ दर्शन का सौभाग्य भीलवाड़ा श्रीसंघ ने बही पार्श्वनाथ तीर्थ पहुंचकर महासाध्वी मंडल के साथ दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
🔹 चातुर्मास की तैयारियां जोरों पर चातुर्मास आयोजन समिति और सुभाषनगर श्रीसंघ मिलकर व्यापक तैयारियों में जुटे हैं ताकि आयोजन ऐतिहासिक बन सके।
🔹 श्रावकों की विशेष विनती श्रावक-श्राविकाओं ने महासाध्वी कुमुदलता से शीघ्र भीलवाड़ा आगमन की प्रार्थना कर धर्मलाभ प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की।
🔹 महासाध्वी का प्रेरणादायक संदेश महासाध्वी डॉ. कुमुदलता म.सा. ने कहा कि 13 वर्षों बाद भीलवाड़ा में चातुर्मास का आयोजन अत्यंत पुण्यदायी अवसर होगा।
🔹 धर्मसभा में साधना का महत्व महासाध्वी महाप्रज्ञा म.सा. ने धर्मसभा में सामायिक साधना द्वारा आत्मशुद्धि और कषायों से मुक्ति का महत्व समझाया।
🔹 भगवान पार्श्वनाथ का जाप साध्वी पद्मकीर्ति म.सा. ने अनुष्ठान कराते हुए भगवान पार्श्वनाथ के मंत्रों का सामूहिक जाप कराया।
🔹 प्रवचन और संस्कार शिविर की रूपरेखा हर गुरुवार को अनुष्ठान, शुक्रवार को पद्मावती एकासना आराधना, शनिवार को प्रश्नमंच और रविवार को बच्चों के लिए संस्कार शिविर का आयोजन होगा।
🔹 विशेष समितियों का गठन प्रवचन, प्रचार-प्रसार, चिकित्सा, वैयावच्च आदि विभिन्न समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं।
🔹 धर्म प्रभावना का विशेष प्रयास चातुर्मास पूर्व धर्म प्रभावना हेतु महासाध्वी मंडल विभिन्न क्षेत्रों में प्रवास करते हुए भीलवाड़ा पहुंचेगा।
🔹 समर्पित भाव से सेवा हेतु तत्पर भीलवाड़ा सुभाषनगर श्रीसंघ सहित पूरे शहर के श्रावक-श्राविकाएं तन-मन-धन से सेवा कार्यों के लिए उत्साहित हैं।
समाप्ति में, महासाध्वी मंडल के सान्निध्य में भीलवाड़ा का आगामी चातुर्मास ना केवल तप और साधना का केंद्र बनेगा, बल्कि समूचे जैन समाज के लिए एक ऐतिहासिक एवं प्रेरणास्रोत अवसर साबित होगा। समर्पित संघ भावना और धर्म साधना की उमंग से भीलवाड़ा का वातावरण पहले ही धर्ममय हो चुका है।

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