अजमेर–जैन कनेक्ट संवाददाता | अजमेर के नाका मदार रोड स्थित श्रीजिन शासन तीर्थ में गुरुवार को पंचकल्याणक महोत्सव के पाँचवें दिन “ज्ञान कल्याणक” के अवसर पर दो विश्व कीर्तिमान दर्ज हुए। 54 फुट ऊँची भगवान शांतिनाथ की प्रतिमा और 24 तीर्थंकर प्रतिमाओं की शोभा के बीच भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और संगीतमयी वातावरण में आध्यात्मिक आनंद उठाया।
🙏 विशेष मंत्रोच्चारण एवं अभिषेक सुबह-सुबह मंत्रों की गूँज के बीच भगवान शांतिनाथ का मंगल अभिषेक हुआ, जिसमें भक्तों ने भक्ति-रस के साथ भाग लिया।
📖 35×24 फुट की विशाल पुस्तक का विमोचन विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की उपस्थिति में 35 फीट ऊँची और 24 फुट चौड़ी “खवगराय शिरोमणि” ग्रंथ का अनावरण कर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया।
🚩 108 फुट ऊँचा जैन ध्वज फहराया गया महोत्सव मंच पर बनाए गए 108 फुट ऊँचे जैन ध्वज के फहराने से अहिंसा, आत्मबल और जैन सिद्धांतों का प्रतीक साकार हुआ।
🗽 तीर्थंकर प्रतिमाओं का दिव्य दर्शन सवा 11 फुट ऊँची 24 तीर्थंकर प्रतिमाओं के दर्शन के लिए देशभर से आए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
🎶 संगीतमय भक्तिमय कार्यक्रम भक्ति गीतों, वादन और नृत्य ने पंचकल्याणक परिसर में भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
📐 वर्ल्ड रिकॉर्ड की तकनीकी विशेषताएं इस विशाल ग्रंथ के निर्माण में 500 वर्ग फीट फ्लेक्स, 1,000 किग्रा लोहा और 50 लीटर पेंट का समन्वित उपयोग हुआ।
🎤 संत वसुंद्री महाराज के प्रवचन ज्ञान कल्याणक का महत्व स्पष्ट करते हुए संत वसुंद्री महाराज ने मंगल प्रवचन दिए।
🏛️ गुरूग्राम से आया विशेष दल अहिंसा विश्व भारती के प्रतिनिधिमंडल ने भी महोत्सव में भाग लेकर जैन एकता का संदेश दिया।
🎖️ प्रतिमाओं के सजीव उदाहरण 54 फुट ऊँची शांतिनाथ प्रतिमा ने जन-जन में शांति और संयम का उत्साह भर दिया।
इस महोत्सव ने न सिर्फ जैन धर्म की महान परंपराओं को उजागर किया, बल्कि दो अद्वितीय विश्व कीर्तिमान बनाकर अजमेर को अंतरराष्ट्रीय पहचान भी दी।

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