नई दिल्ली – जैन कनेक्ट संवाददाता | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जून, 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आचार्य श्री 108 विद्यानंद जी महाराज के शताब्दी समारोह का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन भगवान महावीर अहिंसा भारती ट्रस्ट, दिल्ली तथा भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम महान जैन संत, विद्वान और समाज सुधारक आचार्य विद्यानंद जी की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित वर्षभर चलने वाले राष्ट्रीय श्रद्धांजलि समारोह की औपचारिक शुरुआत करेगा।
💠 इस ऐतिहासिक समारोह में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत एवं परंपराचार्य राष्ट्रसंत श्री 108 प्रज्ञासागर जी मुनिराज भी शामिल रहेंगे। समारोह के माध्यम से देश भर में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक और साहित्यिक गतिविधियों की शृंखला शुरू की जाएगी, जिनका उद्देश्य आचार्य श्री के जीवन, दर्शन और योगदान का व्यापक प्रचार-प्रसार करना है।
🔹 विशेष झलकियां और मुख्य बिंदु:
🌟 प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन 28 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे समारोह का उद्घाटन, आचार्य जी को राष्ट्र की ओर से श्रद्धांजलि।
📜 वर्षभर चलने वाला शताब्दी समारोह 28 जून 2025 से 22 अप्रैल 2026 तक देशभर में आयोजन – आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक कार्यक्रमों की भरमार।
📖 दार्शनिक योगदान पर प्रदर्शनी “आचार्य विद्यानंद का जीवन और विरासत” शीर्षक से दुर्लभ अभिलेख, चित्र और दर्शन पर विशेष प्रदर्शनी।
🎥 लघु वृत्तचित्र का प्रदर्शन उनकी आध्यात्मिक यात्रा और सामाजिक योगदान पर आधारित प्रेरणादायक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन।
📬 स्मारक डाक टिकट और सिक्का संस्कृति मंत्रालय द्वारा आचार्य जी की स्मृति में विशेष डाक टिकट और सिक्का जारी किया जाएगा।
📚 जीवनी पुस्तक का लोकार्पण उनकी तपस्या, साहित्य और सुधार कार्यों को समर्पित एक विशेष पुस्तक का विमोचन।
🧘 आध्यात्मिक शिक्षाओं पर विमर्श देशभर के संत, विद्वान और चिंतक उनके विचारों की समकालीन प्रासंगिकता पर करेंगे मंथन।
🕊️ राष्ट्रीय एकता और अहिंसा का संदेश प्रधानमंत्री अपने भाषण में करेंगे सत्य, अहिंसा और धर्म की भावना को राष्ट्रीय श्रद्धांजलि के रूप में अभिव्यक्त।
🏛️ समाज सुधार की ऐतिहासिक भूमिका जैन ध्वज व प्रतीक चिन्ह के निर्माण से लेकर मंदिरों के जीर्णोद्धार तक, आचार्य जी की व्यापक भूमिका को मिलेगा सम्मान।
👥 देशभर की सहभागिता जैन आचार्य, सांसद, विचारक, युवा प्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति समारोह में लेंगे भाग।
यह कार्यक्रम केवल एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक चेतना के मूल तत्व – करुणा, अनुशासन, सत्य और अहिंसा को पुनर्स्थापित करने का राष्ट्रीय प्रयास भी है। आचार्य श्री 108 विद्यानंद जी महाराज का तप, दर्शन और सामाजिक सेवा भविष्य की पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।

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