आचार्य तुलसी महाप्रयाण दिवस : बीकानेर में श्रद्धांजलि कार्यक्रमों की भव्य शुरुआत

बीकानेर–जैन कनेक्ट संवाददाता | बीकानेर में आचार्य तुलसी शांति प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित सात दिवसीय आयोजन की शुरुआत साध्वी सेवाकेंद्र शांतिनिकेतन में की गई। यह आयोजन आचार्य तुलसी के 29वें महाप्रयाण दिवस की स्मृति में हो रहा है। कार्यक्रम में साध्वियों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने आचार्य श्री के अवदानों को स्मरण करते हुए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की। तुलसी के विचारों और कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का यह आयोजन जैन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

📜 गुरुदेव के अवदान पर शब्द चित्र साध्वियों ने “तुलसी के अवदान” विषय पर भावपूर्ण शब्द चित्र प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो गया।

👩‍🏫 नारी शिक्षा में क्रांति साध्वी शशी रेखा ने बताया कि गुरुदेव तुलसी ने साध्वी समाज को शिक्षा का अधिकार देकर महान उपकार किया।

📚 आगम संपादन का ऐतिहासिक कार्य साध्वी लब्धियशा ने कहा कि आगमों का संपादन कार्य जिसे 100 वर्षों में भी पूरा करना कठिन था, उसे गुरुदेव ने 25 वर्षों में पूर्ण कर दिखाया।

🔮 दूरदृष्टि और युगदृष्टा समणी मधुर प्रज्ञा ने आचार्य तुलसी को युगदृष्टा बताया जिन्होंने अपने शिष्यों को साधना की दिशा दी।

🙏 कृतज्ञता का संदेश साध्वी विशद प्रज्ञा ने कहा कि गुरुदेव के अवदानों को जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

🏅 वरिष्ठ श्रावक का सम्मान कार्यक्रम में मूलचंद नाहर का सम्मान संस्थान के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।

📣 आगामी कार्यक्रमों की घोषणा शांति प्रतिष्ठान के उपाध्यक्ष किशन बैद ने अगले दिनों के कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।

🎭 नृत्य नाटिका का प्रेरक मंचन तेरापंथ महिला मंडल गंगाशहर की बहनों ने “आचार्य तुलसी के अवदान–विसर्जन” विषय पर एक प्रेरक नाटिका प्रस्तुत की।

📵 बुरी आदतों से दूर रहने का संदेश नाटिका में अत्यधिक मोबाइल उपयोग व बुरी आदतों से बचने तथा आय का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सीख दी गई।

🎼 तुलसी अष्टकम से शुभारंभ कार्यक्रम की शुरुआत ‘तुलसी अष्टकम’ से हुई, जिसमें साध्वी भव्य प्रभा व कंचन बालाजी ने तुलसी के योगदानों पर प्रकाश डाला।

इस सात दिवसीय आयोजन के प्रथम दिवस पर श्रद्धा, शिक्षा और जागरूकता का संगम देखने को मिला। समाज को आचार्य तुलसी के नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक योगदानों से जोड़ने की दिशा में यह पहल सराहनीय रही।

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