मालदह – जैन कनेक्ट संवाददाता | जैन समाज के वरिष्ठ धर्मगुरु आचार्य श्री प्रमुख सागरजी महाराज रविवार को मालदह पहुंचे, जहां उनके स्वागत में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। साहपुर सेतु मोड़ स्थित श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन समाज मंदिर में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हो चुकी थी। श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। यह आगमन उनके नागालैंड से कोलकाता तक की लगभग 2000 किमी लंबी पदयात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
🔹 नीचे प्रस्तुत हैं इस धार्मिक यात्रा की प्रमुख झलकियां :
🛕 मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल मालदह के श्री चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर में आचार्य श्री के आगमन पर भक्तिभाव से कार्यक्रम आयोजित किए गए।
🚶♂️ 2000 किलोमीटर की पथयात्रा नागालैंड से शुरू हुई पदयात्रा लगभग 2000 किमी की दूरी तय कर कोलकाता में समाप्त होगी।
🌄 राज्य दर राज्य करते हुए पहुंचे मालदह नागालैंड, असम, अरुणाचल, बिहार, सिलीगुड़ी, किशनगंज व रायगंज होते हुए आचार्य श्री मालदह पहुंचे।
🙏 श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद मालदह और मुर्शिदाबाद के श्रद्धालुओं ने आचार्य श्री के दर्शन कर आशीर्वाद ग्रहण किया।
🍛 प्रसाद वितरण का आयोजन दोपहर में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण कर धर्म-संस्कृति का समावेश किया गया।
🧘♂️ आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार आचार्य श्री के प्रवचनों और उपस्थिति से श्रद्धालुओं में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।
👥 समाजजन हुए उपस्थित मनोज जैन, राजेंद्र जैन, आशीष जैन, अशोक जैन, सुशील जैन सहित अनेक समाजसेवी उपस्थित रहे।
📅 29 जून को यात्रा का समापन आचार्य श्री की यह ऐतिहासिक पदयात्रा 29 जून को कोलकाता के बेलगछिया जैन मंदिर में पूर्ण होगी।
🏠 धुलियान में करेंगे विश्राम सोमवार को आचार्य श्री मुर्शिदाबाद के धुलियान पहुंचेंगे और वहीं कुछ समय के लिए ठहरेंगे।
⛩️ चातुर्मास के लिए कोलकाता प्रवास कोलकाता में चार महीने तक चातुर्मास के लिए आचार्य श्री का ठहराव होगा।
आचार्य प्रमुख सागरजी महाराज की यह पथयात्रा केवल भौगोलिक यात्रा नहीं बल्कि श्रद्धा, वैराग्य और धर्म के प्रचार की महान मिशाल बन गई है। इस यात्रा ने जैन समाज को एक बार फिर से अपने मूल्यों की ओर प्रेरित किया है।

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