अभि जैन ने रचा इतिहास, बिना कोचिंग बने IAS, पाई ऑल इंडिया 34वीं रैंक

प्रयागराज-जैन कनेक्ट संवाददाता | दिन में नौकरी और रात में पढ़ाई, इस जज्बे और मेहनत की मिसाल बने हैं प्रयागराज के प्रधान डाकघर में कार्यरत अभि जैन। किसान के बेटे अभि ने पांचवें प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 34वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता और बड़े भाई को दिया है। अभि ने बिना किसी कोचिंग संस्थान के सहारे यह मुकाम पाया, जिससे वह युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।

🔹 कड़ी मेहनत से मिली सफलता दिन में डाकघर में ड्यूटी और रात में पढ़ाई कर अभि ने यूपीएससी में बेहतरीन प्रदर्शन किया।

📞 खुशखबरी ने बदल दी जिंदगी फोन पर जैसे ही चयन की खबर मिली, अभि खुशी से झूम उठे और पूरे परिवार में जश्न का माहौल बन गया।

👨‍👩‍👦 पिता और भाई को दिया श्रेय अभि ने सफलता का श्रेय अपने पिता और बड़े भाई के समर्थन और प्रेरणा को दिया।

📅 पांचवें प्रयास में पाया मुकाम पहले चार प्रयासों में निराशा के बाद पांचवें प्रयास में अभि ने 34वीं रैंक हासिल की।

🚜 किसानी से जुड़े परिवार की पृष्ठभूमि अभि का परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है और आर्थिक परिस्थितियाँ भी बहुत अच्छी नहीं थीं।

🏫 बिना कोचिंग की अद्भुत सफलता अभि ने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद के अपने दम पर यूपीएससी परीक्षा पास की।

📋 डाकघर में कर्तव्यनिष्ठ कार्य प्रयागराज के प्रधान डाकघर में मेलाधिकारी के रूप में महाकुंभ की तैयारियों में दिन-रात जुटे रहे।

समय का बेहतरीन प्रबंधन काम और पढ़ाई के बीच समय का कुशल प्रबंधन कर अभि ने अपनी तैयारी को निरंतर जारी रखा।

🎯 पहले प्रयास से मिली सीख पहली बार 2020-21 में प्रयास किया था, जिसमें मिली असफलता ने उन्हें और मजबूत बनाया।

📈 युवाओं के लिए प्रेरणा अभि जैन की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।

संक्षेप में, अभि जैन की कहानी संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल है। बिना कोचिंग, सीमित साधनों और नौकरी के साथ पढ़ाई करते हुए उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हों तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं।

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