धूमधाम से मनाया गया भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस

पानीपत – जैन कनेक्ट संवाददाता | जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक दिवस पानीपत स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिरों में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। यह पावन अवसर भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष प्राप्ति के दिन को समर्पित होता है, जिसे जैन धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। जिले के सभी सातों दिगंबर जैन मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें सबसे भव्य आयोजन बड़ा जैन मंदिर व दुंदीवाला मंदिर में देखने को मिला।

🔸 मोक्ष कल्याणक का महत्व भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक को जैन धर्म में विशेष स्थान प्राप्त है, क्योंकि यह वह दिन होता है जब वे सिद्ध अवस्था को प्राप्त कर मोक्ष में विराजमान हुए।

🌸 सुबह से उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। भक्तजन घरों से निर्वाण लड्डू लेकर भगवान के चरणों में समर्पित करने पहुंचे।

🙏 लड्डू और ध्वज अर्पण की परंपरा श्री दिगंबर जैन मंदिर हुडा में भक्तों ने भगवान को लड्डू और सुसज्जित नारियल युक्त ध्वज अर्पित किए, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।

🧡 पारंपरिक वस्त्रों में पूजा पुरुषों ने श्वेत और केसरिया धोती-दुपट्टा तथा महिलाओं ने केसरिया साड़ियों में सजकर पूजा-अर्चना की, जिससे धर्ममय सौंदर्य देखने को मिला।

🏛️ दुंदीवाला मंदिर की ऐतिहासिकता मुकेश जैन ने बताया कि दुंदीवाला मंदिर लगभग 250 वर्षों पुराना है और यहां भगवान पार्श्वनाथ की मूल प्रतिमा स्थापित है।

🕉️ महामस्तकाभिषेक का आयोजन बड़ा जैन मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ की विशाल प्रतिमा का महामस्तकाभिषेक भक्तों द्वारा विधिपूर्वक किया गया।

🌄 सम्मेद शिखर की पावन स्मृति भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण झारखंड स्थित सम्मेद शिखर की स्वर्ण भद्र कूट से हुआ था, जो जैन समाज के लिए तीर्थराज है।

🚶‍♂️ तीर्थ यात्रा का महात्म्य आज भी लाखों श्रद्धालु सम्मेद शिखर की यात्रा कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं, जो मोक्षमार्ग की प्रेरणा देता है।

👨‍👩‍👦 समाजजन रहे सक्रिय कार्यक्रम में सुनील जैन, सुरेश जैन, मनोज जैन, पुनीत जैन सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे और सेवा में सहभागी बने।

🌺 धार्मिक उत्सव का माहौल पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, उल्लास और अनुशासन का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने श्रद्धालुओं के मन में नई ऊर्जा भर दी।

इस प्रकार भगवान पार्श्वनाथ के मोक्ष कल्याणक दिवस ने न केवल श्रद्धा का वातावरण रचा, बल्कि समाज को मोक्ष मार्ग की ओर प्रेरित भी किया।

Source : Amar Ujala

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*