सरधना में मुनि निश्चित सागर जी का हुआ भव्य स्वागत

सरधना–जैन कनेक्ट संवाददाता | सरधना की पावन धरती पर जैन समाज में उस समय उत्साह की लहर दौड़ गई जब आचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनि निश्चित सागर जी का नगर में भव्य स्वागत किया गया। विधायक अतुल प्रधान के नेतृत्व में भुनी स्थित विमला देवी स्कूल से मुनि श्री की अगवानी की गई और एक भव्य शोभायात्रा के साथ उन्हें श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर तथा सौरभ सागर संत निकेतन तक ले जाया गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, पाद प्रक्षालन एवं भक्ति भाव से मुनिश्री का स्वागत किया।

🔸 विधायक अतुल प्रधान ने की अगवानी भुनी स्थित विमला देवी स्कूल से विधायक अतुल प्रधान ने स्वयं मुनि निश्चित सागर जी की अगवानी कर नगर में पदार्पण कराया।

🌸 भव्य शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब जैन युवा मंच, मां पद्मावती भक्त मंडल और वीर विशाल धवल सेना के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें नगर के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।

🌹 श्रद्धालुओं ने की पुष्पवर्षा और पाद प्रक्षालन मार्ग में श्रद्धालुओं ने मुनि श्री पर पुष्पवर्षा की और पावन चरणों को धोकर आशीर्वाद लिया।

🙏 गुरु चरणों में श्रीफल अर्पण विधायक अतुल प्रधान ने मुनि श्री को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

🛕 चंद्र प्रभु जैन मंदिर और संत निकेतन में विश्राम मुनि श्री को आदर्श नगर स्थित श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगंबर जैन मंदिर और सौरभ सागर संत निकेतन में विराजमान किया गया।

🖼️ भगवानों और आचार्यों के चित्रों का अनावरण आदिनाथ व चंद्रप्रभु भगवान के चित्रों का अनावरण संजय जैन और विकास जैन ने किया।

📸 विद्यासागर महाराज के चित्र का हुआ अनावरण महामुनि विद्यासागर जी और समय सागर जी महाराज के चित्रों का अनावरण मुकेश जैन, रवीश जैन और विकास जैन द्वारा किया गया।

🎤 कार्यक्रम संचालन नमन जैन ने किया संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन नमन जैन ने सुचारू रूप से संपन्न कराया।

👥 हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति कार्यक्रम में पंकज जैन, अनुज जैन, सौरभ जैन, ऋषभ जैन, अनिल जैन, आशीष जैन सहित हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

नगरवासियों में दिखा विशेष उत्साह मुनिश्री की आगवानी से नगर में भक्ति, श्रद्धा और गौरव का वातावरण निर्मित हो गया।

मुनि निश्चित सागर जी के स्वागत के बहाने सरधना की सड़कों पर एक बार फिर धर्म, आस्था और संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिली। यह आयोजन न केवल जैन समाज के लिए गौरवपूर्ण क्षण था, बल्कि नगरवासियों के लिए भी एक आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर अवसर बन गया।

Source : Dainik Bhaskar

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